लुधियाना के जगराओं के मुल्लापुर स्थित गांव हसनपुर की एक महिला गुरप्रीत कौर ने अपने पड़ोसियों को अपना घर बेचने से मना कर दिया। इस निर्णय के बाद से पड़ोसी गुस्से में आ गए और उन्होंने महिला और उसके परिवार पर तंग करने की एक शृंखला शुरू कर दी। घटना ने उस वक्त और भी गंभीर मोड़ ले लिया, जब महिला के पति ने जब आरोपियों को घर के बाहर पटाखे चलाने से रोका तो वे उसके घर में घुस आए और उसके पति, सास व ससुर पर हमला कर दिया। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दी है और पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
पुलिस द्वारा अब तक की गई पहचान के अनुसार, आरोपियों में चमकौर सिंह, फौजी गुरजीत सिंह, गुरजीत सिंह गोपी, बलजिंदर सिंह, बलविंदर कौर, और रानी शामिल हैं। उन्होंने अपने व्यवहार से स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक घर की बिक्री के इनकार से उत्पन्न हुआ विवाद है, जिससे संबंधित आरोपियों की रंजिश और भी गहरी हो गई। थाना दाखा के एएसआई नरिंदर कुमार ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में यह उल्लेख किया कि देर रात आरोपी जानबूझकर उनके घर के बाहर पटाखे चला रहे थे और जब उसके पति ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर हमले का साहस किया।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि जब उसने अपने घर में घुसकर अपने लिए सुरक्षा की कोशिश की, तो आरोपी अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर पिटाई करने लगे। मारपीट के दौरान, जब परिवार ने शोर मचाया, तब भी आरोपी उनके प्रति गालियां और धमकियां देते हुए वहां से भाग निकले। यह साफ है कि आरोपी केवल घर खरीदने की इच्छा रखते थे, लेकिन जब महिला ने इसकी आवश्यकता को अस्वीकार किया तो उनके बीच प्रतिशोध की भावना उभरी।
पूर्व में हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों पर आरोप लगाया गया है जिनमें धारा 333 (जानलेवा चोट), 115(2) (साजिश), 324(4) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (हमला), 191(3) (गवाह को बलात्कृत करना), और 190 बीएनएस (धमकी) शामिल हैं।
महिला ने विश्वास व्यक्त किया है कि न्याय की प्रक्रिया के माध्यम से उसे और उसके परिवार को सुरक्षा मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और दावा किया है कि ऐसे अपराधों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि समाज में एकता और सहयोग बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति का आपसी सम्मान आवश्यक है। यह घटना सुनिश्चित करती है कि संबंधित अधिकारियों को समाज में बढ़ते हुए असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।