पंजाब के जालंधर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक 3 वर्षीय बच्ची की कार की चपेट में आने से tragically मौत हो गई है। इस बच्ची की पहचान करीना के रूप में हुई है, जो अपने परिवार की सबसे छोटी सदस्य थी। यह दुःखद घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई, जब करीना खेलते-खेलते अचानक सड़क पर आ गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल जालंधर भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना मेडिसिटी अस्पताल के सामने घटी, जहाँ बच्ची की मां किसी काम से घर से बाहर गई थी। इस समय बच्ची के आस-पास कोई मौजूद नहीं था। करीना परिवार के मूल रूप से बिहार का निवासी है, जो पिछले काफी समय से जालंधर में रह रहा है और मेहनत-मजदूरी करके अपने जीवन यापन कर रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय स्विफ्ट कार को गुरप्रीत सिंह चला रहा था, और बच्ची के अचानक आने के कारण ये हादसा हुआ। गुरप्रीत ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
आसपास के लोगों द्वारा घटना के बाद तुरंत सहायता की गई और एएसआई कश्मीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपित को तुरंत हिरासत में ले लिया और उसकी कार को थाने भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को शोक में डाल दिया है। करीना के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, और इस आकस्मिक दुर्घटना से उनके जीवन में खालीपन आ गया है।
जब करीना की मां को इस घटना की जानकारी दी गई, तो वह तुरन्त मौके पर पहुंची और अपने बच्चे को खो देने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी। बताया जा रहा है कि उस समय परिवार के पिता किसी काम से वापस बिहार गए हुए थे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बच्ची को पहले घर के अंदर डांट कर भेजा गया था, लेकिन वह फिर से बाहर निकलकर सड़क पर खेलते हुए आ गई। दुर्घटना के समय बच्ची के सिर के ऊपर से कार गुजरी, जिसके कारण उसकी स्थिति गंभीर हो गई।
इस घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर किया है कि सड़क पर खेलना कितना खतरनाक हो सकता है। बच्ची की मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि समाज को भी एक कठोर वास्तविकता से अवगत कराया है। इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक है कि लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि फिर कभी किसी परिवार को इस तरह का दुख ना सहेना पड़े।