खन्ना जिले में हुई एक लूट की वारदात अब एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला बन चुकी है। स्थानीय आढ़ती के कर्मचारी हर्षप्रीत सिंह ने अपनी बहन की शादी के लिए पैसे जुटाने के लिए यह पूरी कहानी बनाई थी। उसने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक नाटकीय ड्रामा रचाया, जिसमें उसने सड़क किनारे बेहोश होने का नाटक किया। दरअसल, हर्षप्रीत बैंक से 8 लाख रुपये की बड़ी रकम लेकर आया था, लेकिन उसने इसे अपने दोस्त को दे दिया और खुद को घायल कर लिया।
पुलिस की जांच के दौरान हर्षप्रीत और उसके दोस्त गौरव की गिरफ्तारी हो गई। पुलिस को पहले से ही इस पर शक था क्योंकि जब हर्षप्रीत बेहोश मिला, तब उसके व्यवहार में कुछ विचित्रता थी। सिविल अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी हर्षप्रीत ने बेहोशी का नाटक करने की कोशिश की, हालाँकि उसकी हरकतें संदेहास्पद थीं। पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच की और CCTV फुटेज की मदद से असली कहानी का पता लगाया।
हर्षप्रीत ने बताया कि उसने अपनी बहन की शादी के खर्चे के लिए पैसे जुटाने की योजना बनाई थी। विभिन्न अवसरों पर काम करते हुए, वह अपने मालिक के विश्वास को जीतने में सफल रहा था। उसने पहले भी छोटे-छोटे धनराशि के लिए नकली लूट की कहानियाँ बनाई थीं, लेकिन इस बार की रकम सबसे बड़ी थी। हर्षप्रीत ने कहा कि वह 8 नवंबर को 7 लाख रुपये लेकर गया था और 11 नवंबर को जब 8 लाख रुपये आए, तो उसने इस बार लूट का ड्रामा रचा।
इस पूरी घटना के बारे में एसएसपी अश्विनी गोत्याल ने बताया कि करीब दो वर्षों से हर्षप्रीत मंडी गोबिंदगढ़ के आढ़ती विशाल के पास काम कर रहा था। इस दौरान उसने अपने मालिकों का विश्वास जीता था। हालाँकि इस बार जब युवकों ने अनहोनी का नाटक किया, तो पुलिस की सजगता से मामला उजागर हो गया।
यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक उदाहरण है जो पैसों की कमी के चलते गलत रास्ता चुनते हैं। अब गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे धोखाधड़ी के मामलों की पुनरावृत्ति ना हो। इस प्रकार की घटनाएं सिखाती हैं कि बेईमानी का रास्ता हमेशा हानिकारक साबित होता है।