पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक गंभीर मामले में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने अमेरिका में रहने वाले एनआरआई अंगद पाल सिंह और उनके दो सहयोगियों पर 2 करोड़ रुपए से अधिक का धोखा देने का आरोप लगाया है। यह मामला रंजीत एवेन्यू में स्थित शॉप-कम-ऑफिस (SCO) नंबर 10 की रजिस्ट्रेशन से संबंधित है, जिसकी जांच कर रही है आर्थिक अपराध (EO) विंग। डॉ. सिद्धू के अनुसार, यह धोखाधड़ी उनके पूर्व निजी सहायक गौरव और उसके साथी जगजीत सिंह के सहयोग से हुई है।
प्रारंभ में, अंगद पाल सिंह ने सिद्धू दंपती को SCO नंबर 10 बेचने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद एक समझौता किया गया, जिसमें डॉ. सिद्धू के प्रतिनिधि सुशील रावत और अंगद के प्रतिनिधि विशाल कौर ने हस्ताक्षर किए। इस अनुबंध के अनुरूप, डॉ. सिद्धू ने अंगद के खाते में 1.2 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए और कई बार चेक भी दिए। हालांकि, जब डॉ. सिद्धू ने संपत्ति की रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। अंततः, आरोपियों ने फरवरी 2023 में अस्थायी रूप से संपत्ति का पावर ऑफ अटॉर्नी सिद्धू की बेटी राबिया के नाम पर दिया।
डॉ. सिद्धू का यह भी आरोप है कि उन्होंने जो चेक जारी किए, उनकी राशि को जबरन कैश कर लिया गया और आरोपियों ने इसे आपस में बांट लिया। यह मामला अब EO विंग को सौंपा जा चुका है, और पुलिस जांच में भी तेजी लाई जा रही है। इस मामले में तथ्य अभी प्रकाश में आने बाकी हैं और नई जानकारियां आने वाले दिनों में सामने आ सकती हैं।
इस बीच, नवजोत सिद्धू और डॉ. नवजोत कौर सिद्धू कैंसर के इलाज को लेकर भी चर्चा में हैं। नवजोत सिद्धू ने हाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उन्होंने अपनी पत्नी का आयुर्वेदिक तरीकों से सफल इलाज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी को कैंसर सेल्स को बढ़ाने वाली मीठी चीजों से दूर रखा। ये दावे विवादास्पद बन गए हैं, खासकर जब 262 ऑन्कोलॉजिस्ट ने सिद्धू के दावों को सवालों के घेरे में रखा।
इन दावों के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने डॉ. नवजोत कौर को 850 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है। संगठन के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा कि डॉ. सिद्धू के दावों ने कैंसर के मरीजों में भ्रम फैलाया है और अगर 7 दिनों में सिद्धू सबूत या माफी नहीं पेश करते हैं, तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे। इस प्रकार, नवजोत सिद्धू और उनकी पत्नी के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जिसमें उन्हें कई प्रकार के कानूनी और व्यक्तिगत दबावों का सामना करना पड़ रहा है।