नक्सली मुख्यधारा में लौटें उनका स्वागत है, जो नहीं जुड़ेंगे, उनके खिलाफ सरकार के पास अन्य विकल्प मौजूद हैं : अरुण साव
बीजापुर, 19 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंगलवार काे बीजापुर प्रवास के दौरान नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, भटके हुए लोग विकास की धारा में जुड़ना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो नहीं जुड़ेंगे, उनके खिलाफ सरकार के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में शांति और विकास स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिले के मिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक खेलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आयोजन बस्तर के युवाओं के सपनों को साकार करने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने कहा, बस्तर और बीजापुर के युवाओं में अद्वितीय क्षमता है। उन्हें अवसर मिलने पर वे अपनी प्रतिभा को न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शित कर सकते हैं। उन्हाेने कहा कि बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के जरिए सरकार क्षेत्र के युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे बस्तर के युवाओं की क्षमताओं को निखारने और क्षेत्र को नई पहचान देने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव अपने एक दिवसीय दौरे पर बीजापुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समीक्षा बैठक भी, आयोजित की और लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही, उन्होंने बीजापुर में संचालित गारमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण किया और इसे स्थानीय विकास का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्हाेने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की स्थापना के लिए सरकार न केवल सामाजिक, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक विकास पर भी जोर दे रही है। गारमेंट फैक्ट्री जैसी योजनाएं रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां बस्तर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों को विकास के नए आयाम देने के लिए समर्पित हैं।
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