लुधियाना, पंजाब में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है। खासकर अक्टूबर महीने में 176 से अधिक नए मामलों की रिपोर्ट हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु का वर्तमान हाल डेंगू मच्छरों के लिए अनुकूल है, जिसका सीधा असर बढ़ते मामलों पर पड़ रहा है। मौसम में सर्दी न आने के कारण एडीज एजिप्टी मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है, जो डेंगू रोग का प्रमुख कारण बनते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो अक्टूबर और नवंबर के महीनों में डेंगू के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, यदि दिसंबर में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे और दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है, तो संभव है कि इस समय आपातकालीन स्थिति में कमी आ जाए। पिछले वर्ष की तुलना में, जहां नवंबर के पहले सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या 750 से ऊपर पहुंच गई थी, वहां इस वर्ष यह आंकड़ा अभी काफी कम है।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शीतल के अनुसार, दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में मरीजों की संख्या में राहत मिलने की उम्मीद है। इस बीच, डेंगू मच्छरों की सक्रियता बढ़ जाती है, खासकर शाम और रात के समय। इसलिए, लोगों को अपने वस्त्रों का चयन सावधानी से करना चाहिए और ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो पूरे शरीर को ढक सकें। इसके साथ ही, रात के समय सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना भी बेहद आवश्यक है।
मौसम में हल्की ठंड का आना और रात के समय तापमान में गिरावट के चलते, डेंगू का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सबको सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विशेष ध्यान उन लोगों पर देना होगा जिनकी इम्युनिटी कम होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं। इन वर्गों को डेंगू से सुरक्षित रखने के लिए अधिक सतर्कता जरूरी है। सुबह के समय अपने पैरों को ढककर रखना भी एक अच्छा उपाय है।
इसी तरह, सभी नागरिकों को चाहिए कि वे अपने आस-पास की जगहों को साफ और स्वच्छ रखें ताकि मच्छरों के पनपने का स्थान कम से कम हो। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए, शहरवासियों को डेंगू से बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करना चाहिए। इससे न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।