लुधियाना में स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में, एक स्कूल की शिक्षिका को सरेआम सोने की चेन छिनने का शिकार होना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब शिक्षिका स्कूल जाने के लिए सड़क पर थी। बाइक पर सवार दो बदमाशों ने चौक के बीचोबीच उसकी गले में झूल रही सोने की चेन झपट ली। गनीमत यह थी कि घटनास्थल पर ना तो कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद था और ना ही पीसीआर का कोई दस्ता, जिससे लुटेरों को भागने में आसानी हुई।
शिक्षिका ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह गुरु नानक पब्लिक स्कूल, माडल टाउन में पढ़ाती हैं। सुबह जब वह अपनी स्कूटी पर स्कूल के लिए निकल रही थीं, तो हीरो बेकरी चौक पर रेड लाइट पर रुक गईं। तभी पीछे से आए एक युवक ने अचानक उनके गले से चेन झपट ली। आश्चर्य की बात यह है कि बदमाश का एक साथी उसी समय चौक पर बाईं ओर खड़ा था, जो एक बाइक स्टार्ट कर रहा था। शिक्षिका ने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लुटेरों ने भागने में सफलता प्राप्त कर ली।
यह घटना लुधियाना में बढ़ती कानून-व्यवस्था की समस्या की ओर इशारा करती है, जिसमें आम जनता को सुरक्षित महसूस करने में कठिनाई हो रही है। शिक्षिका नवजोत कौर ने बताया कि उनकी चेन लगभग 3 तोले की थी, जिसकी उन्हें काफी चिंता है। अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और थाना डिवीजन नंबर 5 के एएसआई गुरमेज लाल इस मामले की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस ने मौके से कुछ सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त की है, जिसमें लुटेरों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं।
इस तरह की घटनाएं शहर में बढ़ती जा रही हैं, जिससे समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। अब पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है, और स्थानीय लोग सक्रिय पुलिस गश्त की उम्मीद कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पहले से मौजूद सिग्नल और चौक पर तैनात पुलिस कर्मियों की कमी को सुधारने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को सुरक्षा का एहसास हो सके।
लुधियाना में इस प्रकार की घटनाएँ न केवल पीड़ितों के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि यह समाज में एक बड़ा प्रश्नचिह्न भी खड़ा करती हैं कि क्या प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सक्षम है। इससे पहले भी शहर में स्नैचिंग और अन्य अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं, लेकिन इस वारदात ने लोगों के मन में एक बार फिर से आशंका पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस घटना का जल्दी खुलासा कर पाती है या नहीं और क्या इन घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।