पंजाब के लुधियाना में हाल के दिनों में शिव सेना के नेताओं पर हुए पेट्रोल बम हमलों में शामिल चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस विशेष ऑपरेशन का परिणाम है जिसमें पुलिस ने CCTV फुटेज के माध्यम से बाइक सवार आरोपियों की पहचान की। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने आज सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने हाल ही में हुए दो अलग-अलग हमलों में हिस्सा लिया, जिसमें शिव सेना नेता योगेश बख्शी और हरकीरत सिंह खुराना को निशाना बनाया गया था।
उपरोक्त हमलों के संबंध में कमिश्नर ने यह भी खुलासा किया कि बब्बर खालसा जैसे आतंकवादी संगठनों ने युवा छात्रों को अपनी गतिविधियों में शामिल करके स्थानीय माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया है। इन छात्रों को “स्लीपर सेल” के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो अलग-अलग शिव सेना नेताओं पर हमले करने को लेकर निर्देशित होते हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष, रविंदर पाल सिंह, जसविंदर और अनिल के रूप में हुई है जबकि इस गैंग का एक अन्य सदस्य लवप्रीत अभी भी फरार है।
पिछले साल नंगल में विश्व हिन्दू परिषद के नेता विकास प्रभाकर के मर्डर केस की भी जांच पुलिस कमिश्नर चहल ने की। गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस मर्डर में शामिल थे और उनका सरगना हरजीत सिंह से निर्देशित होकर ये सारे अपराध कर रहे थे। यह सामने आया है कि चंद पैसों के लालच में आकर ये युवक ऐसे खतरनाक अपराधों को अंजाम देने का काम कर रहे थे। यह स्थिति चिंताजनक है और कई अन्य नेताओं को भी इनका संभावित लक्ष्य बताया गया है।
पुलिस कमिश्नर आगे बताते हैं कि आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उनकी गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनकी गैंग के अन्य सदस्य पंजाब में सक्रिय हैं या नहीं। इसके लिए उनके मोबाइल फोन के डेटा की भी जांच की जा रही है जिससे हरजीत सिंह खालसा की लोकेशन का पता लगाया जा सके। यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि उन बदमाशों के पीछे किस प्रकार की साजिश चल रही है।
बता दें कि हाल ही में हुए हमले का आतंकवादी कनेक्शन भी सामने आया है। लुधियाना में शिव सेना नेता हरकीरत सिंह खुराना के घर पर हुए पेट्रोल बम हमले का आरोप पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी रणजीत सिंह नीटा पर लगा है। नीटा, जो भारत में मोस्ट वांटेड है, ने इस हमले की योजना बनाई थी और इसे अपने सहयोगियों के माध्यम से अंजाम दिया गया। नीटा की ओर से भेजी गई ईमेल में इस हमले को एक चेतावनी बताया गया था, जिसमें हिंदू आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की धमकी दी गई थी। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस आतंकवादी नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी पता लगाया जा सके।