लुधियाना के भट्टिया रोड पर स्थित शनि देव का मंदिर, जो दो दिन पहले एक शरारती व्यक्ति द्वारा तोड़े जाने का मामला सामने आया है, ने स्थानीय समुदाय के भीतर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। यह मंदिर एक पेड़ के साथ बनाया गया था और इसके टूटने की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोग एकत्रित हो गए। धार्मिक भावनाएं आहत होने के चलते ग्रामीणों ने थाना सलेम टाबरी की पुलिस को घटना की सूचना दी। मामले की जांच एल्डिको पुलिस चौकी के अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
भाजपा के SC मोर्चा जिला उप-प्रधान काकू बंगड़ ने कहा कि मंदिर के गिरने से स्थानीय लोगों का दिल टूट गया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के पुजारी से किसी ने पैसे मांगे थे या उसे धमकाया गया था, जिसके कारण उसके साथ मिलीभगत कर मंदिर को तोड़ा गया। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर तोड़े जाने के बाद पुजारी गायब हो गया है, जिससे ये संदेह गहरा गया है कि प्रशासन भी आरोपी लोगों के साथ मिलीभगत कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई, तो उनकी धार्मिक भावनाओं को और अधिक ठेस पहुंचेगी।
भाजपा के नेता कपिल ने कहा कि यह मंदिर लगभग 20 साल पहले भगवान वाल्मीकि जी महाराज के नाम से स्थापित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को रातों-रात क्रेन के माध्यम से तोड़ा गया, जिसमें नींव तक को निकाल दिया गया। कपिल ने प्रशासन से मांग की है कि इस अराजकता के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक लाभ के लिए लोग भगवान का अपमान कर रहे हैं, और यह समाज में धर्म की भावना को कमजोर कर रहा है।
पुलिस विभाग की ओर से थाना सलेम टाबरी ने पुष्टि की है कि गांव भट्टियां के निवासियों ने मंदिर के टूटने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और एल्डिको पुलिस चौकी के अधिकारी आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, घटना के प्रति पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया और प्रशासन की उदासीनता ने लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय लोगों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि एक गंभीर सवाल भी खड़ा किया है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे क्या राजनीतिक दबाव काम कर रहा है। समाज में हर व्यक्ति को अपने धर्म का सम्मान करना चाहिए, और यह आवश्यक है कि इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।