पंजाब में हाल ही में चुने गए सरपंचों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। आगामी 8 नवंबर को लुधियाना स्थित साइकिल वैली में भव्य शपथ समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम के लिए लगभग चालीस एकड़ भूमि पर पंडाल लगाए जाएंगे। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई है।
शुरुआत में, सरकार ने पहले गांव सराभा में इस आयोजन का आयोजन करने का विचार किया था। लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि 19 जिलों के 10,031 सरपंचों को एक साथ शपथ दिलाई जाएगी। चार जिलों में उपचुनाव की स्थिति के कारण, वहां के सरपंचों को बाद में शपथ दिलाने की योजना है। इसके अलावा, पंचायत सदस्यों को दूसरे चरण में उनके जिलों के अनुसार शपथ दिलाई जाएगी। इस संबंध में एक बैठक का दौर भी जारी है ताकि सभी पहलुओं पर चर्चा की जा सके।
पंचायत विभाग ने सभी सरपंचों को शपथ समारोह से संबंधित लिखित फॉर्म भेजे हैं, जिनमें सरपंचों से यह पूछा गया है कि वे पंजाबी में शपथ लेना चाहेंगे या किसी अन्य भाषा में। यदि चुने गए सरपंचों के पास बसों में आने का विकल्प होता है, तो सरकार इसके लिए भी आवश्यक इंतजाम करने की योजना बना रही है। साथ ही, यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या वे अपनी व्यक्तिगत गाड़ियों में आना prefer करेंगे या फिर उनके लिए बसों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इस महत्वपूर्ण समारोह में राज्य के सभी कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से, समारोह स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले कांग्रेस सरकार के दौरान, जब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह थे, तब भी सरपंचों को पटियाला में शपथ दिलाई गई थी। उससे पहले, अकाली भाजपा शासन के दौरान यह समारोह बठिंडा में आयोजित किया गया था।
इस बार के शपथ समारोह को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में काफी उत्साह है, और इसे राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरपंचों की नई टीम के गठन से गांवों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण समुदाय में भी आशा का संचार होगा। इस प्रकार, सरकार ने इस महत्वपूर्ण अवसर को सफल बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय करने की ठानी है।