आयुष्मान योजना में आयुर्वेद, योगा और नैचुरोपैथी को शामिल करने की मांग पर केंद्र को नोटिस

आयुष्मान योजना में आयुर्वेद, योगा और नैचुरोपैथी को शामिल करने की मांग पर केंद्र को नोटिस

नई दिल्ली, 08 नवंबर (हि.स.)। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने राष्ट्रीय आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योगा और नैचुरोपैथी को भी शामिल करने की मांग पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर याचिका में कहा है कि आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योगा और नैचुरोपैथी को भी शामिल करने से गंभीर बीमारियों के जूझ रहे लोगों को सस्ता इलाज मिलने के साथ ही इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को रोजगार भी मिलेगा। आयुष्मान भारत योजना 2018 में लांच की गई थी। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को पांच लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलता है।

याचिका में मांग की गई है कि आयुष्मान भारत योजना को देश के सभी राज्यों और अस्पतालों में लागू किया जाए। इस योजना के तहत केवल एलोपैथिक अस्पतालों को ही कवर किया गया है, जबकि देश में आयुर्वेदिक, योगा और नैचुरोपैथी, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी की जड़ें गहरी और काफी प्रभावी भी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय