सोमवार को पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी आई, जब 888 मामले सामने आए, जो कि इस सीजन का सबसे ऊँचा आंकड़ा है। इससे पूर्व, राज्य में 750 मामलों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। यह बढ़ती हुई घटनाएं सीधे तौर पर आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं। पिछले 24 घंटे में, प्रदूषण स्तर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुँच गया है, जिसका प्रभाव न केवल पंजाब बल्कि दिल्ली पर भी देखा जा रहा है। इस वक्त हवा की दिशा दिल्ली की ओर है, जिससे प्रदूषण की समस्या और बढ़ सकती है। पिछले अनुभव के अनुसार, जब पराली जलाने के मामले बढ़े थे, तब वायु प्रदूषण का स्तर भी धीरे-धीरे दिल्ली की ओर बढ़ गया था, जिसके कारण वहाँ की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में चली गई है।
पंजाब के 8 प्रमुख शहरों में से 5 में प्रदूषण का स्तर 200 से ऊपर है, जबकि चंडीगढ़ में थोड़ी कमी देखने को मिली है। इन घटनाओं के बीच, पिछले 7 दिनों में देश भर में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। वहीं, मौसम में बदलाव भी स्पष्ट नजर आ रहा है। पंजाब के अधिकांश शहरों में धूप खिल रही है, जिसके फलस्वरूप दिन का तापमान सामान्य हो रहा है। रात के तापमान में लगातार गिरावट आई है, जो पिछले रात 1.5 डिग्री तक नीचे आया। पंजाब के कई क्षेत्रों में, तापमान 10 डिग्री के स्तर से नीचे आ गया है, जिससे मौसम की स्थिति सामान्य हो रही है।
चंडीगढ़ में, सोमवार शाम का तापमान 27 डिग्री Celsius रिकॉर्ड किया गया था। आज का तापमान 12 से 24 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अमृतसर में, सोमवार की शाम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया, और आज यह 9 से 25 डिग्री के बीच रह सकता है। जालंधर में तापमान 26.1 डिग्री था जबकि आज का तापमान 9 से 24 डिग्री तक सीमित रहने की उम्मीद है। लुधियाना में भी, सोमवार शाम का तापमान 26 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, और आज का तापमान 10 से 26 डिग्री के बीच रह सकता है।
पटियाला और मोहाली में भी तापमान में तेजी से हलचल देखी जा रही है। पटियाला में सोमवार को तापमान 26.9 डिग्री रहा, और आज यह 10 से 25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। वहीं मोहाली में तापमान 26.7 डिग्री तक पहुंचा, और आज यहाँ तापमान 14 से 25 डिग्री के बीच रहने की आशा है। कुल मिलाकर, पंजाब में पराली जलाने की स्थिति एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसके लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि वायु गुणवत्ता को बेहतर किया जा सके और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।