आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से संपादित किया गया है। इस क्लिप में उन्हें भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के संदर्भ में कुछ विवादास्पद बातें करते हुए प्रस्तुत किया गया है। यह वीडियो कुछ शरारती तत्वों द्वारा बनाए गए AI तकनीक के माध्यम से बदला गया है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस घटना के खिलाफ अमृतसर के एससी-एसटी समुदाय के सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके कारण पुलिस ने इस मामले में छह अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
जिन लोगों ने शिकायत की है उनमें अमृतसर के विभिन्न थानों से लोग शामिल हैं। थाना डी डिवीजन में लाहोरी गेट निवासी राजेश कुमार, इस्लामाबाद के मोहनी पार्क निवासी डॉ. इंद्रपाल सिंह, बी डिवीजन के ईस्ट मोहन नगर निवासी संजय कुमार, छेहर्टा निवासी सनी सिंह, गेट हकीमां के पंकज सोई और बलविंदर सिंह शामिल हैं। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली के एक व्यक्ति विभोर आनंद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें IT एक्ट और SC/ST एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस एडिटेड वीडियो के जरिए केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है, जिससे समाज में तनाव और गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो में सीएम केजरीवाल को भाईचारे और किसानों के खिलाफ अपशब्द बोलते हुए दिखाया गया है, जो पूरी तरह से फर्जी है। ऐसा करना न केवल केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि यह समाज में बुरे असर डालने वाला भी है।
अमृतसर के एससी-एसटी समुदाय के नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि वे समाज में आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मानना है कि इस तरह की हरकतों को सहन नहीं किया जाना चाहिए और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस ने पहले ही संबंधित आरोपियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
समाज में इस तरह के मामले गंभीरता से लिए जाने चाहिए, क्योंकि इससे न केवल किसी व्यक्ति की छवि पर आंच आती है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकता है। अमृतसर पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि ऐसे शरारती तत्वों को कड़ा संदेश दिया जा सके।