बरनाला के सरकारी अस्पताल में नशे के खिलाफ लड़ाई में गंभीर समस्या सामने आई है। यहां नशे के आदी मरीज अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र से मुफ्त में मिलने वाली दवाइयों को बेचने का कार्य कर रहे हैं। यह न केवल अस्पताल के बाहर, बल्कि उसके भीतर भी प्रतिबंधित गोलियों के कारोबार के मामले दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हॉस्पिटल के निकट नशेड़ी और नशा बेचने वाले एक जटिल माहौल पैदा कर रहे हैं, जिससे आसपास के लोग परेशान हो रहे हैं। इससे संबंधित कई मेडिकल स्टोर मालिकों, टैक्सी और रिक्शा चालकों ने इस अवैध गतिविधि का विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन से इसका समाधान करने की अपील की है।
टैक्सी ड्राइवर रिंकू और अन्य चालकों ने बताया कि राज्य सरकार ने भले ही नशा खत्म हो जाने का दावा किया है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। सरकारी अस्पताल में नशे के उपचार के लिए दी जाने वाली गोलियों को मरीज खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। यह न केवल नशेड़ियों के लिए समस्या है, बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। इन चालकों का आरोप है कि ये गोलियां बिना किसी पहचान पत्र के भी दी जाती हैं और यहीं पर इन्हें दूसरे नशेड़ियों को बेचा जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अस्पताल के आसपास नशे की गोलियों की बिक्री एक गंभीर मुद्दा बन गया है। यह केवल व्यापार की बात नहीं है, बल्कि इससे होने वाले विवाद, गाली-गलौज और दंगा-फसाद की स्थिति भी आम हो गई है। कई मौकों पर चोरियों की घटनाएं भी सुनने को मिली हैं। नागरिकों ने इस बारे में बार-बार पुलिस अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिन-रात चल रहे इस अवैध कारोबार ने स्थानीय लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
डीएसपी सतवीर सिंह ने कहा कि इस गंभीर परिस्थिति की जानकारी पुलिस को है। नशा छोड़ने वाले ओट सेंटर के निकट से नशे की गोलियों का अवैध कारोबार किया जा रहा है। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर इस पर विचार किया है और अब नियमित पेट्रोलिंग शुरू की जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे डॉक्टरों की आवश्यकता के मुताबिक दवाइयों की मात्रा दें, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो वे अपने व्यवसायों को बंद कर अस्पताल के सामने धरना देने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उनका मानना है कि इस स्थिति का समाधान करते वक्त प्रशासन की जिम्मेदारी है। नशे के इस खुले कारोबार को रोकने के लिए हर संभव प्रयास की आवश्यकता है ताकि बरनाला में एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।