पंजाब में आतंकवादियों ने एक बार फिर से भयावह हरकत की है, जब गुरदासपुर जिले के बटाला स्थित घनिया के बांगर पुलिस थाने पर हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया। यह घटना गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे हुई, जब बाइक पर सवार दो युवक थाने के बाहर आए और किसी वस्तु को थाने की ओर फेंक दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वही वस्तु हैंड ग्रेनेड थी। इस विस्फोट के परिणामस्वरूप किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस हमले से स्थानीय पुलिस के बीच एक बार फिर से दहशत का माहौल बन गया है।
इस हमले की जिम्मेदारी अमेरिकी धरती पर बैठे आतंकियों, हैप्पी पासिया और गोपी नवांशहरिया, ने ली है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की और चेतावनी दी कि यह सिर्फ शुरुआत है। उनके द्वारा बोली गई धमकी में कहा गया है कि आने वाले समय में नाकों को भी टारगेट किया जाएगा। यह स्पष्ट किया गया कि थाने पर ग्रेनेड फेैंकने के बाद अब उनका अगला निशाना पुलिस नाके होंगे। इस स्थिति पर बटाला पुलिस के अधिकारी फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी देने से बच रहे हैं।
विस्फोट की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जांच कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरदासपुर के एसएसपी सोहेल कासिम मीर और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से हमलावरों की पहचान करने के प्रयास में जुटी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमृतसर में भी एक बम धमाका हुआ था, जिसे सिर्फ टायर फटने की घटना बताई गई थी, लेकिन इस बार की घटनाओं ने पुलिस के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बार जिम्मेदारी लेने वालों ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल का नाम लेते हुए लिखा कि पहले पुलिस ने एक टायर के फटने को मुद्दा बनाया था, लेकिन अब ग्रेनेड अटैक को किस प्रकार से छिपाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक चेतावनी है और अगली बार उनके हमले में आईईडी और ग्रेनेड का इस्तेमाल होगा, जो पुलिस नाकों को निशाना बनाएंगे। यह बयान सीधे तौर पर पंजाब पुलिस के अधिकारियों को चुनौती देता है।
इससे पहले भी हैप्पी पासिया और गोपी नवांशहरिया के नाम पंजाब में कई आतंकवादी घटनाओं से जुड़े रहे हैं। हाल के दिनों में इनकी गतिविधियां विभिन्न स्थानों पर बम धमाकों की योजना में शामिल रहीं हैं। पुलिस ने पिछले दिनों अमृतसर में बम प्लांट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनका संबंध इस खालिस्तानी मॉड्यूल से था। इस संदर्भ में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति को संभाला जा रहा है, ताकि पंजाब में आतंकवाद के इस नए मोर्चे का समुचित तरीके से सामना किया जा सके।