पंजाब के बठिंडा जिले के गांव डूमवाली में एक युवक की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई है, जिसकी पहचान विक्की सिंह के रूप में की गई है। विक्की सिंह की उम्र 30 वर्ष थी और वह स्वर्गीय बूटा सिंह का पुत्र था। मृतक के परिवार ने थाना संगत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने ऐसे तीन व्यक्तियों के खिलाफ बयान दिए हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने विक्की को नशीला पदार्थ दिया, जिससे उसकी जान चली गई।
सुखप्रीत कौर, विक्की की मां, ने शिकायत में बताया कि उनका बेटा नशे की लत का शिकार था। बीती रात, जब विक्की गांव के बाहरी रास्ते पर गिरा हुआ मिला, तो सूचना पर वह और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक विक्की की जान जा चुकी थी। वहां पर एक सिरिंज भी पाई गई, जिसके चलते मां ने आरोप लगाया कि नशीली सुई लगाने के कारण विक्की की मृत्यु हुई है।
सुखप्रीत ने पुलिस को बताया कि जिस दंपत्ति तथा उनके बेटे पर आरोप है, वे उसी गांव के निवासी हैं। उन्होंने गिंदा सिंह, उसकी पत्नी सुखजीत कौर और गिंदा के बेटे पीता सिंह पर नशीले पदार्थ देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयानों में साफ तौर पर कहा है कि ये लोग उसके बेटे के लिए जिम्मेदार हैं। इसके बाद संगत थाने के सब इंस्पेक्टर चेत सिंह ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए गति प्रदान की है।
पुलिस ने अब इन तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। यह मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे मामलों में, जहां नशा एवं युवा पीढ़ी की सुरक्षा की बात सामने आती है, वहां समाज के सभी वर्गों को सजग रहना आवश्यक है।
डूमवाली गांव में इस घटना ने न केवल विक्की के परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस की कार्रवाई समय पर और प्रभावी होगी ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके? स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ गई है। लोगों की इच्छा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टालने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं ताकि और किसी परिवार को इस दर्दनाक क्षति का सामना नहीं करना पड़े।