पंजाब के बठिंडा में एक पेट्रोल पंप पर सिक्योरिटी गार्ड से राइफल लूटने के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 12 बोर की राइफल बरामद की है, जो कि इस लूट की मुख्य सामग्री है। बठिंडा के एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना के बारे में जानकारी साझा की और बताया कि यह लूट 11 दिसंबर 2024 की आधी रात को हुई थी।
इस घटना के समय पेट्रोल पंप पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड से बाइक सवार तीन बदमाशों ने राइफल लूट ली। मामले की गहराई में जाने के लिए सीआई स्टाफ और पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई थीं। विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनकी पहचान लखविंदर सिंह, दानिश और एक नाबालिग आरोपी के रूप में हुई है। लखविंदर गांव बांडी का निवासी है, जबकि दानिश फिरोजपुर का रहने वाला है और वर्तमान में बलराज नगर बठिंडा में निवास करता है।
एसपी सिटी ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि लखविंदर विदेश जाने का अरमान रखता था और पैसों की तंगी के चलते उसने यह जोखिम भरा कदम उठाया। लूट के जरिए वह बैंक या एटीएम को लूटने की योजना बना रहा था। इस प्रकार की गंभीर योजना से यह साफ हो जाता है कि आरोपियों का इरादा महज राइफल लूटने तक सीमित नहीं था बल्कि वे इससे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
आरोपी दानिश ने भी पूछताछ में बताया कि उसके साथियों के साथ कोई विवाद चल रहा था। उसकी चिंता थी कि अगर वे फिरोजपुर जाते हैं और उन पर कोई हमला होता है, तो उनके पास खुद की रक्षा करने का साधन होगा। इस प्रकार की मानसिकता से यह समझा जा सकता है कि ये लोग किस हद तक जा सकते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बठिंडा पुलिस की इस सफल कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कानून के हाथ मजबूत हैं और समाज में अशांति फैला रहे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस घटनाक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया है कि वर्दी और कानून की सत्ता कभी भी अपराधियों को छूट नहीं देगी।