चंडीगढ़ पुलिस ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसमें पांच दिवसीय गिरफ्तारियों के माध्यम से कानून को सख्ती से लागू करने का कार्य किया गया है। चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने उन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कानून के शिकंजे से दूर थे। ये सभी अपराधी विभिन्न मामलों में न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए थे और उनकी गिरफ्तारी से प्रदेश में कानून और व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में पहले नंबर पर दिनेश का नाम शामिल है, जो दीनारपुर, अंबाला का निवासी है। उसके खिलाफ थाना मलोया में एफआईआर संख्या 244/2017 दर्ज है, जिसमें धारा 473 और 411 आईपीसी लागू की गई है। दिनेश को माननीय अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था और पुलिस ने उसे विधिक हिरासत में भेज दिया है। इस प्रकार, कानून के शिकंजे में आने के बाद अब उसे न्याय का सामना करना होगा।
दूसरे नंबर पर विजय कुमार हैं, जो आज़ाद नगर, धुरी के निवासी हैं। उनके खिलाफ थाना-26 चंडीगढ़ में एफआईआर संख्या 55/2019 में धारा 68(1)(बी) पीपी एक्ट लगाया गया है। अदालत के आदेश पर उनकी गिरफ्तारी की गई और उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस प्रकार, उनकी भी विधिक प्रक्रिया का सामना करना सुनिश्चित होगा।
अर्जुन झा, जो मनी माजरा के पिपली वाला टाउन के निवासी हैं, भी विधिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पुलिस की नजर में आए हैं। उनके खिलाफ दो मामलों में भगोड़ा होने की पुष्टि हुई है। एफआईआर संख्या 26/2022 में धारा 379, 411, 427 और 419 आईपीसी लगाए गए हैं, जबकि एफआईआर संख्या 08/2019 में धारा 379 और 411 आईपीसी का मामला दर्ज है। दोनों मामलों में उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
स्थानीय समाचारों में सुरेंद्र कुमार उर्फ आडवाणी का नाम भी सामने आया है, जो खेरी बुरा, जिला दादरी, हरियाणा का निवासी हैं। उनके खिलाफ थाना-17 में एफआईआर संख्या 140/2011 के अंतर्गत धारा 379 और 411 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उनकी गिरफ्तारी से स्थानीय समुदाय में सुरक्षा का संदेश गया है।
अंत में, शाम सिंह राणा, जो पार्वती एन्क्लेव, बलटाना, मोहाली के निवासी हैं, को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनका मामला एनएसीटी/279/2023 के तहत है और उन्हें माननीय अदालत में पेश किया गया है। कुल मिलाकर, चंडीगढ़ पुलिस की यह पहल दिखाती है कि वे अपराधियों पर नकेल कसने का संकल्प लिए हुए हैं और न्यायिक प्रक्रिया को सही दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।