फरीदकोट में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने हाल ही में खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के खिलाफ चल रही नीतियों के कारण भाजपा सरकार देश का अपमान कर रही है। संधवां ने सरकार से आग्रह किया कि डल्लेवाल का यह मरण व्रत खत्म करने के लिए जल्द से जल्द बातचीत शुरू की जाए।
सोमवार को अपने गृह क्षेत्र कोटकपूरा के गांव डग्गो रोमाणा में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए संधवां ने कहा, “केंद्र सरकार ने किसानों पर अत्याचार करके 80 प्रतिशत से अधिक लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि से जुड़े इन लोगों की मांगों पर ध्यान न देकर केंद्र सरकार एक तानाशाही रवैये को अपनाए हुए है। संधवां ने डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह ज़रूरी है कि केंद्र सरकार त्वरित प्रभाव से बातचीत करें और डल्लेवाल के अनशन को समाप्त कराएं।
पंजाब सरकार भी डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। संधवां ने बताया कि इस स्थिति के मद्देनजर सरकार ने डल्लेवाल को लुधियाना अस्पताल में भर्ती करवाने का निर्णय लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार इस मामले पर ध्यान दे रही है और इस संदर्भ में राज्य के डीजीपी गौरव यादव एक दिन पहले ही खनौरी बॉर्डर पर जाकर उनकी तबियत की जानकारी ली थी। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार अपने किसानों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं और उनकी सेहत का ध्यान रखना प्राथमिकता है।
इसके अलावा, संधवां ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र के फंड को रोकने के बारे में भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह अपमानजनक है कि केंद्र गरीब लोगों के इलाज के लिए आवश्यक फंड रोक रही है। सरकारी अस्पतालों के बजट में कटौती के कारण गरीब मरीजों को इलाज में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का यह भेदभाव पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसका असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।”
इस लोक मिलनी प्रोग्राम के दौरान कुलतार सिंह संधवां ने स्थानीय गांवों के लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि जनता की आवाज सुनी जाए और उनके मुद्दों का त्वरित समाधान किया जाए। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि पंजाब की सरकार किस प्रकार जनसुविधाओं के प्रति गंभीर है और समाज के कमजोर वर्गों की भलाई के लिए कार्यरत है।