फरीदकोट: बारिश में छत गिरी, मां-बेटा गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर!

फरीदकोट जिले के जैतो शहर में शुक्रवार शाम को हुई बारिश ने एक दुःखद हादसे को जन्म दिया। दीवारों के दरम्यान अचानक आई इस बाढ़ ने एक घर की छत को गिरा दिया, जिससे वहां रहने वाली मां और उसके बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्रारंभिक इलाज के लिए जैतो के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने के कारण उन्हें फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह घटना जिले में पिछले 24 घंटों में बारिश के कारण छत गिरने की दूसरी घटना है, जो स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

उसी दिन, कोटकपूरा के मोहल्ला हरनामपुरा में भी एक बुजुर्ग की छत गिरने से गंभीर चोटें आई हैं। 75 वर्षीय करतार सिंह को भी प्राथमिक उपचार के बाद फरीदकोट के गुरू गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा गया। यह घटनाएँ स्थानीय समुदाय में चिंता उत्पन्न कर रही हैं, क्योंकि बारिश के कारण संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।

जैतो में मां-बेटे के मामले की पूरी जानकारी जुटाते हुए, समाजसेवी संस्था चढ़दी कला वेलफेयर सेवा सोसाइटी के प्रधान मीत सिंह मीता ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिलते ही वह अपने साथियों के साथ एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबे में दबे हुए मां-बेटे को बाहर निकालने का काम किया और तत्परता से उन्हें सिविल अस्पताल पहुँचाने में मदद की।

मीत सिंह मीता ने कहा कि सुबह से जारी बारिश ने इस घटना को जन्म दिया। उन्होंने हादसे को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों लोग गंभीर स्थिति में हैं और उनके जीवन को बचाने के लिए किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है। समाजसेवी संस्थाओं की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया है कि सामुदायिक सहयोग किस प्रकार से ऐसे संकट के समय में बहुत महत्वपूर्ण होता है।

दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधि इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे बारिश के दौरान अपने घरों की संरचना की स्थिति पर ध्यान दें। सजगता के साथ-साथ, स्थानीय अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी आपात स्थितियों से बचने के लिए पूर्व प्रबंध हों। इस प्रकार की घटनाएँ स्थानीय ढांचे की सुरक्षा और सामान्य जन जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं।