फतेहगढ़ साहिब में दिलजीत दोसांझ: चंडीगढ़ शो से पहले दी श्रद्धांजलि, जानिए क्यों!

पंजाबी संगीत जगत के जाने-माने गायक दिलजीत दोसांझ ने अपने चंडीगढ़ शो से पहले शहीदों की भूमि श्री फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया। यहां उन्होंने माता गुजर कौर जी और छोटे साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में जाकर माथा टेका। यह यात्रा सुबह-सवेरे हुई, जहां दिलजीत ने गुरु घर में kiर्तन सुनते हुए श्रद्धा के साथ शहीदों को नमन किया।

गायक दिलजीत ने इस मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच कीर्तन का आनंद लिया और शहीदों की यादों को ताजा किया। उन्होंने सिर झुका कर माता गुजर कौर और छोटे साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों की शहादत को याद करते हुए दिलजीत ने सरहिंद की उस दीवार के दर्शन भी किए, जहां छोटे साहिबजादों को जीवित दीवार में चुनवा दिया गया था। इसके बाद वे ठंडा बुर्ज भी गए, जहां माता गुजर कौर जी ने महान बलिदान दिया। इस स्थान ने दिलजीत को भावुक कर दिया, और उन्होंने वहां अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

दिलजीत की यह यात्रा आगामी शहीदी सभा की तैयारियों के बीच हुई, जो हर वर्ष माता गुजर कौर जी, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की याद में आयोजित की जाती है। इस वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक तीन दिवसीय शहीदी सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस सभा में देश-विदेश से भक्तजन शामिल होते हैं, जो इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने के लिए आते हैं।

पंजाब के गवर्नर, मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख नेता भी इस मौके पर श्रद्धा प्रकट करने के लिए फतेहगढ़ साहिब आते हैं। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। शहीदी सभा के दौरान यहां का माहौल श्रद्धा और भक्ति से भरा होता है, जो सभी उपस्थित लोगों के मन में गहरे भावनात्मक संबंध स्थापित करता है।

दिलजीत की इस यात्रा ने न केवल उनके अनुयायियों को बल्कि पूरे समाज को यह संदेश दिया है कि वे शहीदों के बलिदानों को कभी नहीं भूलें। उनके योगदान को याद करते हुए, हम सभी को अपने देश की रक्षा करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। यह श्रद्धांजलि न केवल कलाकार का कर्तव्य है, बल्कि हर एक भारतीय का भी।