फाजिल्का में कॉपरेटिव सचिव पर हमला: सैलून में घुसकर बदमाशों ने काटा हाथ!

फाजिल्का जिले से एक चिंताजनक घटना की सूचना मिली है, जहां एक व्यक्ति पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया। घायल व्यक्ति, जिसका नाम बलविंदर सिंह है, ने बताया कि वह स्थानीय कोऑपरेटिव सोसाइटी में सचिव के पद पर कार्यरत है। घटना उस समय घटी जब बलविंदर एक सैलून में गया था। वहां कुछ अज्ञात लोग उस पर पीछे से घेराबंदी कर हमला कर दिया। उन्होंने न केवल बलविंदर के साथ हाथापाई की, बल्कि धारदार हथियार से उसकी गर्दन और हाथ पर वार करने का प्रयास भी किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

बलविंदर सिंह ने घटना के बारे में विस्तार से बताया कि वह गांव सैदों के हिठाड़ का निवासी है। जब वह सैलून में था, तभी कुछ व्यक्तियों ने उसके चारों ओर घेराबंदी कर ली और बेरहमी से उसकी पिटाई करने लगे। हमलावरों ने बलविंदर के सिर पर धारदार हथियार से वार करने का प्रयास किया, लेकिन उसकी फुर्ती से वह खुद को बचाने में सफल रहा और उसके हाथ पर चोट आई। बलविंदर ने यह भी खुलासा किया कि वह कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते उसकी इस तरह की हमले का शिकार होना हो सकता है।

ये घटनाएं पहले भी हुई हैं जब बलविंदर के भतीजे के साथ भी इसी गैंग द्वारा मारपीट की गई थी। बलविंदर का भतीजा फिलहाल फरीदकोट में भर्ती है और उसकी चोटों की गंभीरता को देखते हुए वे मामले को पुलिस के पास ले गए हैं। हालाँकि, उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया है। बलविंदर के अनुसार, डॉक्टर ने उसे सलाह दी है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया जाए।

इस घटना के संदर्भ में पुलिस कार्रवाई का इंतज़ार है, क्योंकि यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है और वे इस प्रकार की हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बलविंदर और उनके परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर क्या कार्रवाई होगी, यह देखना महत्वपूर्ण है।

इस घटना ने समाज में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा के मुद्दे को सामने रखा है। लोग अब जागरूक हो रहे हैं और अपनी सुरक्षा के लिए शब्दों के साथ-साथ पुलिस से भी मदद की अपील कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन को अब इस मामले में तत्परता से कार्यवाही करनी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और लोगों के जीवन में सुरक्षा का एहसास हो सके।