सुखबीर बादल की तीसरे दिन की सजा: लंगर में बर्तन धोते दिखे!

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल हाल ही में अमृतसर के गोल्डन टेंपल में हुई एक घटना के बाद सुर्खियों में हैं। इस घटना के बावजूद उनकी सजा में कोई बदलाव नहीं आया है। सुखबीर बादल ने गुरुवार को श्री केसगढ़ साहिब पहुंचकर सेवा कार्य की शुरुआत की। उन्होंने वहां सेवादार की वेशभूषा धारण की, हाथ में भाला पकड़ा और गले में तख्ती लटकाई। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारे के परिसर में बैठकर कीर्तन सुनने के साथ-साथ लंगर हॉल में बर्तन भी साफ किए। पंजाब पुलिस ने इस घटनाक्रम के बाद उनकी सुरक्षा को मजबूत कर दिया है। तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में दो एसपी रैंक के अधिकारी तैनात किए गए हैं, साथ ही एसजीपीसी टास्क फोर्स भी उनकी सुरक्षा के लिए मौजूद रहेगी।

इस बीच, सुखबीर बादल का इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं किया गया है, जबकि उनके साथ कई अन्य नेताओं के इस्तीफे भी लंबित हैं। 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब ने स्पष्ट किया था कि वह अकाली दल की कार्यकारिणी से सभी लंबित इस्तीफे स्वीकार कर सकता है और इस संबंध में 5 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सभी नेता वर्तमान में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा निर्धारित सजा को पूरा करने में लगे हैं, जिसके कारण इस्तीफों के मामले पर निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी।

सुखबीर बादल ने गोल्डन टेंपल में दो दिन की सेवा पूरी करने के बाद अब श्री केसगढ़ साहिब में सेवा कार्य जारी रखा है। उनका यह सेवा कार्य अगले 8 दिनों तक चलेगा, जिसमें वे बाद में तख्त श्री दमदमा साहिब, श्री मुक्तसर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में भी सेवा करेंगे। ध्यान देने वाली बात है कि गोल्डन टेंपल के बाहर सुखबीर बादल पर फायरिंग की गई थी, जब वे सेवादार के रूप में मौजूद थे। उस समय एक खालिस्तानी आतंकी ने उन पर गोली चलाई, लेकिन उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए हमलावर का हाथ पकड़ लिया, जिससे गोली टेंपल की दीवार पर लगी और सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए।

इस घटना के बाद सुखबीर बादल की सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस की रणनीति में बदलाव आया है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना को रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाया जाए। सुखबीर बादल की सेवा और सुरक्षा को लेकर सभी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि सिख समुदाय में विश्वास और शांति कायम रखी जा सके।