इंदौरः जिले में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन
– नागरिकों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय सुविधाओं का लाभ देने के लिए लगाये गए 48 शिविर- साढे़ तीन सौ से अधिक आवेदनों का हुआ निराकरण
इंदौर, 16 दिसंबर (हि.स.)। इंदौर जिले में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत नागरिकों की समस्याओं के निराकरण और शासकीय सुविधाओं का लाभ देने के लिए 48 शिविर लगाये गए। इन शिविरों में साढे़ तीन सौ से अधिक नागरिकों के आवेदन स्वीकृत किये गए। शिविर में प्राप्त 439 आवेदनों के निराकरण कि प्रक्रिया जारी है। यह अभियान जिले में 26 जनवरी तक चलेगा।
यह जानकारी सोमवार को यहां कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा ली गई बैठक में दी गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह, अपर कलेक्टर गौरव बेनल तथा ज्योति शर्मा, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार, अपर कलेक्टर रोशन राय, राजेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के क्रियान्वयन के साथ ही सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जिले में 11 दिसम्बर से जनकल्याण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों में तथा शहरों में वार्डवार शिविर निर्धारित तिथियों में लगाये जा रहे हैं। अभी तक जिले में 48 शिविर आयोजित किये जा चुके है। शिविरों में कुल 782 आवेदन प्राप्त हुए है, इनमें से 337 आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। 6 आवेदन निरस्त किये गए है। शेष 439 आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया जारी है। बताया गया कि जनकल्याण अभियान में आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं का लाभ नागरिकों तक सीधा पहुँचाया जा रहा है। साथ ही 45 हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत भी नागरिकों के प्रकरण तैयार किये जा रहे है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यह अभियान राज्य शासन का अतिमहत्वपूर्ण अभियान है, इस अभियान को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए। अधिक से अधिक नागरिकों को इस अभियान का लाभ देंवे। अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाये। बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को भी समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर लगाकर 50 दिन से अधिक अवधि के लंबित प्रकरणों को निराकृत किया जाए। बैठक में उन्होंने आईएसबीटी की प्रगति की भी समीक्षा की। बताया गया कि आईएसबीटी का कार्य इसी माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि बसों के संचालन के संबंध में प्लान शीघ्र तैयार कर लें। उन्होंने रोप-वे के संबंध में भी चल रही कार्यवाही की जानकारी ली।