पंजाब के जालंधर में हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाने के बाद राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। इस स्थिति में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के दो पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल किया, जिससे कांग्रेस के बीच में गुस्सा और असंतोष फैल गया। कांग्रेस पार्टी से वार्ड-47 से चुनी गई पार्षद मनमीत कौर ने आम आदमी पार्टी में शामिल होकर अपनी पार्टी बदल दी है, जिसके बाद उनके घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पूर्व विधायक राजिंदर बेरी समेत कई अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
धरने का मुद्दा इस समय काफी गर्म है, जहां मंगलवार को पूर्व मेयर जगदीश राज राजा की पत्नी अनीता राजा को हराने वाले प्रवीण वासन के निवास के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी हलचलें हुईं। जब राजिंदर बेरी को हिरासत में लिया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्षद मनमीत कौर के घर के बाहर से मार्च निकालते हुए भार्गव कैंप थाने का रुख किया, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस की जालंधर पश्चिम की प्रभारी सुरिंदर कौर ने पुलिस को चेतावनी दी कि उन्हें भी गिरफ्तारी के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि केवल जिला प्रधान को गिरफ्तार करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें मनमीत कौर से बात करने का अधिकार है और जानना है कि आखिर किस कारण से उन्होंने पार्टी बदली। सुरिंदर ने स्पष्ट किया कि यह सरकार केवल एक निश्चित समय के लिए है और किसी भी स्थिति में पार्टी को जवाबदेह होना पड़ेगा।
इस विरोध प्रदर्शन की जगह पर पहुंचे जालंधर वेस्ट हलके के एसीपी हर्षप्रीत सिंह ने पूछा कि क्या उनके पास धरना प्रदर्शन का कोई अनुमति पत्र है। इस पर राजिंदर बेरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आई है? इसी दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को धरने से उठाना शुरू कर दिया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। अंततः पुलिस ने राजिंदर बेरी और अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें थाने लेकर चली गई।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जब तक राजिंदर बेरी को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने जालंधर में राजनीतिक हलचल को और भी बढ़ा दिया है, और यह संकेत दे रहा है कि आगामी दिनों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच और भी टकराव देखने को मिल सकते हैं। इस स्थिति में कांग्रेस के नेता एकजुट होकर अपनी पार्टी के प्रति आस्था दिखा रहे हैं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।