मानसा जिले के घरागना गांव में एक दुखद घटना हुई है, जहां देर रात रजबाहा टूटने के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। यह घटना किसानों के लिए एक गंभीर राहत और चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय किसान, काका सिंह, मलकीत सिंह, राजविंदर सिंह और हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले दिन रजबाहे में पानी ओवरफ्लो हो गया था, जिसके चलते उन्होंने विभाग के अधिकारियों को सूचित किया था। लेकिन उनके द्वारा की गई सूचना को नजरअंदाज किया गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई और देर रात रजबाहा टूट गया।
आसपास के खेतों में जलभराव के कारण किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ी है। किसानों ने बताया कि लगभग 100 एकड़ फसल पानी में डूब गई है। इसके साथ ही, सब्जियों के खेत और गांव में भी पानी भरने से घरों को भी नुकसान पहुँच रहा है। स्थानीय किसानों ने बताया कि यह रजबाहा पहले भी कई बार टूट चुका है, लेकिन प्राधिकरण की लापरवाही के कारण हर बार किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह समस्या किसी एक बार की नहीं, बल्कि एक निरंतरता बन चुकी है।
किसानों की ओर से पंजाब सरकार से मुआवजे की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि रजबाहा टूटने के कारण उनके खेतों में बड़े पैमाने पर फसलों का नुकसान हुआ है और स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्द ही गिरदावरी करवाई जानी चाहिए। और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपनी फसल का कुछ हद तक नुकसान सहन कर सकें।
आज सुबह नहरी विभाग के कुछ अधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने बताया कि रजबाहा का पानी रोक दिया गया है। इसके बाद दी गई जानकारी के अनुसार, पानी की मात्रा में कमी आई है, लेकिन तब तक किसानों के फसलों का बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। यह देखना महत्वपूर्ण है कि विभाग अब रजबाहे की मरम्मत जल्द से जल्द करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
किसानों का यह कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो इस स्थिति से बचा जा सकता था। अब उनका एकमात्र उद्देश्य फसल के नुकसान का मुआवजा प्राप्त करना और स्थिति को सुधारना है। यह घटना यह दर्शाती है कि किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना कितना महत्वपूर्ण है और इसे तुरंत समाधान खोजने की आवश्यकता है।