जीरकपुर में 6 अवैध पीजी इमारतें सील: नगर परिषद की सख्त कार्रवाई!

मोहाली नगर परिषद ने हाल ही में जीरकपुर में 6 अवैध इमारतों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई वीआईपी रोड पर की गई है, जहां नक्शा पास कराए बिना बनाए गए PG (पेइंग गेस्ट) के खिलाफ ईओ अशोक पथरिया के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया। इस कार्रवाई में अब तक कुल 9 प्रॉपर्टीज को सील किया गया है। ईओ ने बताया कि जबकि जमीन मालिक ने मकान का नक्शा पास करवाया था, लेकिन उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए कई मंजिला इमारतें खड़ी कर दीं और इनमें एक दर्जन से अधिक कमरों का निर्माण कर PG व्यवसाय शुरू कर दिया।

नियमों के उल्लंघन की वजह से प्रशासन ने सख्ती दिखाई और उन इमारतों को सील करने का निर्णय लिया। प्रशासन के अनुसार, जिन इमारतों को सील किया गया, उनके लिए केवल ढाई मंजिल का नक्शा पास कराया गया था। लेकिन जमीन मालिक ने इस अनुमती का दुरुपयोग कर वहां अवैध निर्माण कर लिया। कार्रवाई के दौरान एएमई सुखविंदर सिंह, इंस्पेक्टर शिवानी बंसल और अतिक्रमण विंग की टीम मौजूद रही। जब प्रशासन ने कार्रवाई की, तो संपूर्ण क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया और अधिकारियों ने उचित फोटोग्राफी कर समस्त रिकॉर्ड अपने पास रख लिया।

सील की गई इमारतें डीपीएस स्कूल से जुड़ने वाली सड़क पर स्थित थीं और मौजूदा नियमों का उल्लंघन किए जाने के कारण प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया। ईओ अशोक पथरिया ने आगे कहा कि जो लोग नक्शा पास करवा कर रिहायशी निर्माण की अनुमति लेते हैं, वे बाद में उसे व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए परिवर्तित कर देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई की विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “जीरकपुर शहर को भू-माफिया ने लंबे समय से लूटा है। ऐसी कड़ी कार्रवाई से भू-माफिया को सबक मिलेगा और हमें उम्मीद है कि वे भविष्य में अवैध गतिविधियों से हतोत्साहित होंगे।” इस प्रकार, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को रोकथाम के लिए वह और भी सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि शहर में योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।

मोहाली की नगर परिषद की यह कार्रवाई अन्य शहरों के लिए भी एक मिसाल पेश करती है कि कैसे अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह न केवल कानून और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो अवैध निर्माण करने की योजना बना रहे हैं। भविष्य में भी ऐसे कदम उठाने से न सिर्फ शहर की इमारतों की संरचना मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी एक सुरक्षित और नियोजित आवासीय माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।