मुक्तसर अस्पताल में हंगामा: मोबाइल नंबर मांगने पर हमले के बाद डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन!

मुक्तसर के कोटकपूरा बाइपास पर स्थित मालवा ऑर्थो अस्पताल में कुछ हथियारबंद युवकों ने अचानक हमला कर दिया। इन युवकों ने तेजधार वाले हथियारों से लैस होकर न केवल अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि जब अस्पताल के कर्मचारियों ने विरोध किया, तो उन्होंने उन पर भी हाथ उठा दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई कर्मचारी घायल हो गए। इस घातक हमले के बाद, नाराज डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बठिंडा रोड पर जाम लगा दिया। मरीजों के इलाज के दौरान इस घटना से उन्हें भी चोटें आईं, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई।

गौरतलब है कि घटना की शुरुआत उस समय हुई जब आज सुबह लगभग 11 बजे कुछ युवकों ने अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी से उसका मोबाइल नंबर मांगा। जब वह कर्मचारी मदद के लिए अपने सहकर्मियों को बुलाने गई, तो आरोपी युवक अस्पताल में घुस आए। स्थानीय कर्मचारियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी एकजुट होकर हमला कर दिया और अस्पताल के भीतर तलवारों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस हमले में कई अस्पताल कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

इस हमले के बाद, अस्पताल के डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने गुस्से में आकर कोटकपूरा- बठिंडा रोड को जाम करने का निर्णय लिया। डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक हमलावरों को पकड़ा नहीं जाता, वे धरने पर बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह घटना केवल एक Hospital में नहीं, बल्कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इस हमले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। थाना सदर के एसएचओ मलकीत सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कानून का पालन कराने में कोई कमी नहीं रहेगी और हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद से अस्पताल का कर्मचारी वर्ग भड़क गया है और उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए अब और भी सक्रिय होने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेती हैं, तो वे भविष्य में और भी कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। यह घटना दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं के प्रति अनदेखी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, जिसे तत्काल हल किया जाना आवश्यक है।