सशक्त होंगे नवनियुक्त पशुचिकित्सक, प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता

सशक्त होंगे नवनियुक्त पशुचिकित्सक, प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता

– नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून, 16 दिसंबर (हि.स.)। उत्तराखण्ड पशुचिकित्सा परिषद सहस्त्रधारा रोड देहरादून स्थित प्रशिक्षण केंद्र में सोमवार से नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रारंभिक एवं अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन पशुपालन विभाग उत्तराखण्ड के निदेशक डॉ. नीरज सिंगल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र से परिचित कराना और उन्हें सरकारी नियमों एवं पशुपालन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है।

पशुपालन विभाग की सफलता के लिए निष्ठा और समर्पण की आवश्यकता इस अवसर पर डॉ. नीरज सिंगल ने नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें विभाग की सफलता के लिए निष्ठावान और जनहितैषी कार्यों के महत्व को समझाया। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कार्यों में उत्कृष्टता प्राप्त करें और समाज की भलाई के लिए समर्पित रहें।

अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों से अपने अनुभव साझा किए कार्यक्रम में चमोली जनपद के गोपेश्वर के अपर निदेशक डॉ. बीएस जंगपांगी और उत्तराखण्ड पशुचिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. प्रलयंकर नाथ ने प्रशिक्षणार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्हें पशुपालन क्षेत्र में कार्य की अहमियत समझाई। प्रशिक्षण में संयुक्त निदेशक डॉ. नारायण सिंह नेगी ने प्रशिक्षणार्थियों को उनके कार्यों, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, उप निदेशक डॉ. अमित राय ने सेवा नियमों और अवकाश नियमों के विषय में जानकारी दी, ताकि अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का सही ज्ञान हो।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूएसडब्ल्यूडीबी की अपर मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. पूर्णिमा बनौला, उप निदेशक डॉ. मनीष व पशुचिकित्साधिकारी डॉ. दीक्षा रावत ने भी शिरकत की और अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन कोर्स कॉर्डिनेटर यूएसडब्ल्यूडीबी पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखाकृति नेगी ने किया।