टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मस्जिद तकिया वाली में निक्षय शिविर का आयोजन 

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मस्जिद तकिया वाली में निक्षय शिविर का आयोजन 

नई दिल्ली, 27 दिसंबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम के झंडेवाला स्थित चेस्ट क्लिनिक ने आज दोपहर मस्जिद तकिया वाली (आज़ाद मार्केट) में निक्षय शिविर का आयोजन किया। शिविर में नमाज़ियों, छात्रों और शिक्षकों की जांच की गई। ज़ोहर (दोपहर की नमाज) की नमाज़ पढ़ाने के बाद इमाम साहब ने छात्रों, अध्यापकों और नमाज़ियों से आग्रह किया कि यदि उनमें टीबी के कोई लक्षण हों तो वे टीबी की जांच करवाएं।

तत्पश्चात मस्जिद परिसर के अंदर संचालित मदरसे में टीबी जागरूकता संवाद का आयोजन किया गया।

शिविर में चेस्ट क्लिनिक झंडेवाला के डॉक्टर और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की एक टीम, जिसमें सीएमओ डॉ. शाहिद जमाल अंसारी, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर नदीम अहमद और क्षेत्र की टीबीएचवी सोनिया साहनी प्रमुख रूप से भाग लिया। डॉ. अंसारी और एसटीएस नदीम अहमद ने छात्रों को टीबी, इसके प्रसार, परीक्षण/जांच, उपचार, बचाव के लिए सावधानियों, डीबीटी और निक्षय पोषण योजना के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त टीबी उन्मूलन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता और 100 दिन टीबी अभियान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

गौरतलब है कि यह वही मदरसा है जहां गत वर्ष आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दौरा किया था और मदरसे में दी जा रही शिक्षा की प्रशंसा की थी। यह “मदरसा तजवीदुल कुरान” सबसे पुराने और सबसे बड़े मदरसों में से है, जहां 350 से अधिक छात्र रहते हैं और धार्मिक और आधुनिक शिक्षा प्राप्त करते हैं। इस मदरसे में 10वीं कक्षा तक सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है।

यह संवाद कार्यक्रम मदरसा प्रशासक मौलाना महमूदुल हसन, प्रधानाचार्य महफूज साहब, सभी शिक्षकों और छात्रों को हार्दिक धन्यवाद देने के साथ समाप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य नेताओं से भारत में 2025 तक टीबी को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से एक कदम आगे है। डब्ल्यूएचओ ने भारत से 2030 तक टीबी को समाप्त करने की घोषणा की है।

अपनी प्रतिबद्धता को सफल बनाने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया है और “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” का नारा दिया है। पीएमओ और गृह मंत्रालय ने सभी स्तरों पर कार्यान्वयन की निगरानी शुरू कर दी है। 7 दिसंबर 2024 से भारत सरकार ने 347 जिलों में देशव्यापी 100 दिवसीय टीबी अभियान शुरू किया है, जिसमें सभी अधिक जोखिम वाली आबादी (झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले, कुपोषित, कारखाने/औद्योगिक कर्मचारी, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले, 60 वर्षीय व्यक्ति, टीबी रोगियों के संपर्क और पहले से इलाज किए गए टीबी रोगी) की टीबी के लिए जांच की जाएगी।

इसी श्रृंखला के एक भाग के रूप में मंदिरों, मस्जिदों, मदरसों, चर्चों, जेलों, बाजारों आदि में निक्षय शिविर, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया है। इसी के अंतर्गत इस प्रसिद्ध मदरसे में उपरोक्त निक्षय शिविर और टीबी जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया।

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