पंजाब में आगामी नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को मजबूती से तैयार किया है। पार्टी ने प्रशासकीय आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी इच्छुक उम्मीदवारों के नामों की अंतिम सूची को रविवार तक राज्य सतर्कता समिति को सौंपा जाएगा। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में कोई प्रतिस्पर्धी उम्मीदवार नहीं होगा, वहां अगले सप्ताह तक टिकटों का वितरण किया जाएगा। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, स्क्रीनिंग कमेटियों का ध्यान कुछ प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा।
चंडीगढ़ में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों के चयन में किसी भी प्रकार की सिफारिश पर ध्यान दिया जाएगा, लेकिन अंतिम सूची में वही नाम शामिल किए जाएंगे जो चुनाव जीतने की संभावनाएं रखते हों। नगर निगमों में कई ऐसे वार्ड हैं जहां केवल एक ही आवेदन प्राप्त हुआ है, जिनमें प्रतिस्पर्धा का अभाव है। ऐसे मामलों में टिकट वितरण की प्रक्रिया अगले सप्ताह के अंत तक पूरी की जाएगी।
पिछले चुनाव में पार्टी सत्ता में थी, लेकिन इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए पार्टी सिर्फ विजेताओं के नामों पर विचार नहीं करेगी, बल्कि उन उम्मीदवारों पर भी ध्यान देगी जिन्होंने पिछले चुनाव में टिकट के लिए आवेदन किया था या स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। इसके अलावा, 2024 के लोकसभा चुनाव में कौन से वार्ड में पार्टी को कितने वोट मिले, इसका डेटा भी संकलित किया जा रहा है। पार्टी की रणनीति इस चुनाव में जितना आवश्यक है, ताकि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी की जा सके।
पंजाब कांग्रेस ने पिछले महीने नगर निगम और नगर परिषद चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों का गठन किया था। इन समितियों में पार्टी के सभी नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों और सांसदों को शामिल किया गया है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करना है। हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों में पार्टी को चार में से तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद सफलतापूर्वक सीटें जीती थीं। इनमें गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक और चब्बेवाल जैसे महत्वपूर्ण इलाकों का समावेश है।
हालांकि, कांग्रेस पिछले पांच सालों में एकमात्र बरनाला सीट को जीतने में सफल रही है। ऐसे में पार्टी को अपने उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को बेहतर बनाने की आवश्यकता है, ताकि वे इस बार चुनावी मैदान में मजबूती से उतर सकें। इसके साथ ही, ये चुनाव कांग्रेस के लिए आने वाले चुनावों की दिशा निर्धारित करने वाले साबित हो सकते हैं। इस प्रकार, पार्टी अपने नेतृत्व के सशक्तीकरण और उम्मीदवारों के चयन को प्राथमिकता देते हुए आगामी नगर निगम और नगर परिषद के चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करेगी।