फाजिल्का: नीलगाय से टक्कर में युवक की मौत, परिवार का इकलौता बेटा खो गया!

पंजाब के फाजिल्का जिले में हाल ही में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवा बाइक सवार की मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब युवक अपने दोस्तों के साथ रिश्तेदारों से मिलने के बाद वापस लौट रहा था और अचानक एक नील गाय उनकी बाइक के सामने आ गई। यह दुर्घटना बेहद भयानक थी, जिसमें 20 वर्षीय अजय की जान गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवार ने बताया कि अजय, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, अपने दोस्तों के साथ मिलकर रिश्तेदारों के घर से लौट रहा था।

अजय के पिता, मक्खन सिंह ने भावुकता के साथ बताया कि उनका बेटा अपने मां से कह कर गया था कि वह खाना बना लें, क्योंकि वह रिश्तेदारों से मिलकर जल्दी लौटेगा। लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनकी अंतिम मुलाकात होगी। हादसे के समय अजय, अपने साथियों गोरू और अन्य के साथ बाइक पर था, जब अचानक नील गाय उनके सामने आ गई, जिससे नियंत्रण खोकर बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

इसी बीच, मृतक के परिवार के सदस्य पोस्टमॉर्टम के लिए शव का इंतजार कर रहे हैं। बलदेव, जो इस हादसे के गवाह थे, ने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए। उनका कहना था कि परिवार काफी समय से अस्पताल में बैठे हुए है, लेकिन अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि मृतक के शव का जल्द से जल्द पोस्टमॉर्टम किया जाए ताकि उन्हें अंतिम संस्कार करने की इजाजत मिल सके।

इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता और भय का माहौल बना दिया है। लोग सुझाव दे रहे हैं कि सड़क पर सुरक्षा के उपायों को और प्रभावी बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस तरह के मामलों में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए ताकि लोगों की जान और सुरक्षित रखी जा सके। नील गाय जैसी जंगली जानवरों का सड़क पर आना एक बड़ा खतरा है, विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में जहाँ सड़कें भीड़भाड़ वाली होती हैं।

इस दुखद घटना ने फाजिल्का के निवासियों को फिर से याद दिलाया है कि सड़क पर सुरक्षा केवल ड्राइवर की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि पूरे समाज की भी है। सभी को जागरूक रहने और सड़क पर सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें और ऐसे दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए।