पंजाब की राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए 73.57 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं आरंभ की हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि “प्रशाद” (तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संरक्षण अभियान) के अंतर्गत श्री चमकौर साहिब को एक प्रमुख धार्मिक और तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 31.56 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिसके लिए फिरोजपुर (हुसैनीवाला बॉर्डर) और रूपनगर (आनंदपुर साहिब) जैसे स्थलों को विशेष रूप से चुना गया है। प्रत्येक स्थान के लिए 25 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, किला मुबारक में एक बुटीक होटल का निर्माण भी किया जा रहा है, जो कि राज्य सरकार की एक नई पहल है। यह होटल विदेशों के मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और यहां काम जोरों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में इस परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। किला मुबारक में खुलने वाला यह होटल डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एक आकर्षक स्थान बनेगा, जहां लोग न केवल पंजाब के बल्कि अन्य राज्यों से भी आएंगे। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लोहड़ी के बाद आम जनता के समर्पित करने की योजना बनाई है।
इसके साथ ही, राज्यभर में आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जो विभिन्न सामाजिक और व्यवसायिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फरवरी में ‘रंगला पंजाब’ उत्सव मनाने की स्वीकृति दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब में दर्शनीय स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों को उजागर करना है। रणजीत सागर बांध और शाहपुरी कंडी बांध के आस-पास के क्षेत्रों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
पंजाब सरकार ने पिछले वर्ष अपनी पर्यटन और जल एवं साहसिक खेल नीति भी तैयार की है, ताकि पर्यटक पंजाब में उपलब्ध विभिन्न साहसिक खेलों का आनंद ले सकें। इसके अलावा, विशेष मेलों और उत्सवों का आयोजन किया जाने लगा है, जिससे लोग पंजाब के समृद्ध पर्यटन मनोरंजन से और अधिक अवगत हो सकें। इस प्रकार, राज्य सरकार के तत्वावधान में चलाए जा रहे ये परियोजनाएं न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगी।