लुधियाना में मेयर की ताजपोशी में देरी, AAP के वरिष्ठ लोग दिल्ली में मशगूल!

पंजाब के लुधियाना में राजनीतिक स्थिति काफी दिलचस्प मोड़ पर है, जहाँ कांग्रेस और बीजेपी के बीच गठबंधन न होने से दोनों दलों के जिला अध्यक्ष अपने संभावित उम्मीदवारों की पहचान के लिए सक्रिय हो गए हैं। दोनों पार्टियों में चिंता का माहौल है कि उनके जीतने वाले उम्मीदवार एक दूसरे के खिलाफ चुनाव में खड़े हो सकते हैं, जिससे उनकी सीटों पर कब्जा पाना मुश्किल हो सकता है। जिला और प्रदेश हाईकमान सभी दलबदलुओं की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति से बचा जा सके।

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच संभावित गठबंधन से साफ मुंह मोड़ लिया है, जिससे बीजेपी के जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान भी कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस के जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने मीडिया से कहा कि आप पार्टी सीनियर डिप्टी मेयर के प्रलोभन दे रही है, लेकिन इसके बावजूद उनकी पार्टी के पार्षद आप नेताओं के पास नहीं जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विधायक अशोक पराशर के बड़े भाई राकेश पराशर कांग्रेस के पार्षदों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

आम आदमी पार्टी रणनीति के तहत लगातार बैठकों का आयोजन कर रही है और कांग्रेस तथा बीजेपी के कुछ पार्षदों के साथ चर्चा भी कर रही है। हालांकि, कई शर्तों के कारण पार्षदों का आप में शामिल होना एक चुनौती बना हुआ है। कुछ दलबदलू पार्षद निगम हाउस में उच्च पद की मांग कर रहे हैं। इस दौरान, आप पार्टी की जिला हाईकमान ने पूरे मामले की जानकारी दिल्ली में पार्टी के उच्च नेतृत्व तक पहुंचा दी है, और अब यह तय होना है कि मेयर का चेहरा कौन होगा।

दिल्ली से आए संकेत के अनुसार, अगर आम आदमी पार्टी लुधियाना में मेयर बनाने में सफल होती है, तो इसकी जिम्मेदारी का निर्धारण दिल्ली हाईकमान द्वारा किया जाएगा। विधायक अशोक पराशर ने कहा कि अन्य पार्टियों के पार्षद भी आप में शामिल होने की तैयारी में हैं। इसके विपरीत, तलवाड़ ने अपनी पार्टी के पार्षदों को सावधान रहने की सलाह दी, यह खुशखबरी दी कि कांग्रेस के सभी पार्षद सुरक्षित रहेंगे। पराशर ने इस बात का जिक्र किया कि वे कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं, क्योंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी चल रही हैं।

विधायक ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी के लिए मेयर का पद बहुत महत्वपूर्ण है। उनके बड़े भाई राकेश पराशर लगातार 6वीं बार पार्षद बने हैं और अगर उन्हें मेयर का पद मिला, तो वह इसे पूरी ईमानदारी से निभायेंगे। वहीं, विधायक पप्पी ने कहा कि इस बार वोटिंग लिस्टों में काफी गड़बड़ियाँ हुई हैं और प्रशासन की लापरवाही के कारण प्रभावित क्षेत्रों के मतदाता लुधियाना की वोटिंग लिस्ट में शामिल हुए हैं। यदि वोटिंग लिस्ट सही होती तो उनकी पार्टी को 75 सीटें मिलना तय था। ये सब घटनाएँ लुधियाना की राजनीति में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का संकेत कर रही हैं।