पंजाब में आगामी नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव के लिए आज, मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक चलेगी। उम्मीदवार 12 अगस्त तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, जिसमें अधिकारियों की नियुक्ति और नामांकन प्रक्रिया शामिल है। इसके अलावा, चुनाव क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के हथियार और गोला-बारूद ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। शस्त्र अधिनियम के तहत जिला मजिस्ट्रेट को प्रभावी प्राधिकारी के रूप में कार्य करते हुए, हथियार जमा कराने का आकलन करना होगा।
इस चुनाव में कुल 37,32,636 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे, जिसमें 19,55,888 पुरुष और 17,76,544 महिलाएं शामिल हैं। मतदान ईवीएम के माध्यम से किया जाएगा, और नामांकन की अंतिम तिथि 12 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई है। चुनाव आयोग ने नामांकन की विस्तृत प्रक्रिया को 13 दिसंबर 2024 के जांच हेतु और 14 दिसंबर को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवारी वापस लेने की तिथि भी आधिकारिक रूप से तय की है।
मतदान की प्रक्रिया 21 दिसंबर 2024 को सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलेगी, और इसी दिन मतगणना भी होगी। नगर निगमों के लिए कुल 381 वार्ड और नगर परिषदों/नगर पंचायतों के लिए 598 वार्डों में मतदान होगा। मतदान के लिए प्रदेश भर में 3809 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें से 344 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील और 665 को संवेदनशील के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की विशेष तैनाती की जाएगी। साथ ही, इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए मोबाइल पेट्रोलिंग व्यवस्था भी की जाएगी। इस बार चुनाव की सुरक्षा के लिए आवश्यक संख्या में रिजर्व प्लाटून भी तैनात की जाएंगी, ताकि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किया जा सके।
इसके अलावा, प्रत्येक जिले में पुलिस विभाग के कुल 21,500 कार्मिक और होमगार्ड के कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा। इस मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मतदाता निश्चिंत होकर अपने मतदान का अधिकार का प्रयोग कर सकें। इस तरह पंजाब में नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा सके।