पंजाब महिला आयोग ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को समन जारी किया है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब धामी ने बीबी जागीर कौर के खिलाफ एक इंटरव्यू के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया। शनिवार को धामी की यह टिप्पणी मीडिया में फैल गई, जिसके बाद महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें 17 दिसंबर तक अपना जवाब देने का आदेश जारी किया।
हरजिंदर सिंह धामी ने महिला आयोग को अपना जवाब प्रस्तुत करते हुए अपनी गलती स्वीकार की और इसके लिए माफी भी मांगी। हालांकि, महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने स्पष्ट किया कि केवल माफी मांगने से मामला समाप्त नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने बीबी जागीर कौर से फोन पर बात की है और जल्द ही उनकी प्रतिक्रिया जानने का प्रयास करेंगी। इसके बाद मामले की उचित कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग ने धामी को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया था कि वह 17 दिसंबर तक अपने पक्ष को प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। धामी ने अपनी बात रखने के लिए आज महिला आयोग के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। गौरतलब है कि एडवोकेट धामी ने एक वेब चैनल को दिए इंटरव्यू में बीबी जागीर कौर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया था। इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने सुखबीर बादल के इस्तीफे का जिक्र किया, तब धामी ने बिना सोचे-समझे अभद्र टिप्पणी कर दी थी।
बताया जा रहा है कि उनकी टिप्पणी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। इस विवाद के बीच, धामी ने शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में एक लिखित माफीनामा प्रस्तुत किया। इस माफीनामे में उन्होंने कहा कि फोन पर बातचीत के दौरान अनजाने में कुछ अनुचित शब्द निकल गए, जिसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बीबी जागीर कौर और सभी महिलाओं से माफी मांगते हैं।
धामी ने यह भी बताया कि अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय के लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्थान है, और वह उसके आदेशों का पालन करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में नारी सम्मान और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता जैसे मुद्दों को फिर से रेखांकित किया है, और इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने वाले व्यक्तियों को अपनी भाषा और व्यवहार में ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। महिला आयोग की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि वह हर प्रकार के लैंगिक भेदभाव और अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ सख्त है।