सनातन धर्म विज्ञान है, जिसकी सत्यता को लोग पहचान रहे हैं: स्वामी दिव्यानंद गिरि

सनातन धर्म विज्ञान है, जिसकी सत्यता को लोग पहचान रहे हैं: स्वामी दिव्यानंद गिरि

खूूंटी, 25 दिसंबर (हि.स.)। खूंटी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में प्रवचन करते हुए स्वामी दिव्यानंद गिरि ने कहा कि इस पूरे ब्रह्मांड में केवल वही सुखी है, जो चित्र को न देखते हुए चित्रकार को देखता है। चित्र तो पसंद है, लेकिन चित्रकार कौन है, उसके ऊपर दृष्टि नहीं जाती। ऐसे ही मनुष्य आदि प्राणियों को बनाने वाले पहाड़-पर्वत नदी, प्रकृति को बनाने वाले जो भगवान हैं उस पर दृष्टि जानी चाहिए। रुक्मिणी जी ने श्रीकृष्ण को तीनों लोकों में सबसे सुंदर कहा है। नित्य परिवर्तनशील संसार जो झूठ है, एक सच जो सत्य सनातन भगवान है, उसका सच कभी परिवर्तनशील नहीं, बाकी सब पेंटिंग ही है।

स्वामी ने कहा कि आज हमारे सनातन धर्मियों को गीता पढ़ने और जीवन में उतारने की आवश्यकता है। भगवत गीता पढ़कर सनातन धर्म के अनुयाई पश्चिमी देश हो रहे हैं। वहां के लोग सनातन धर्म को अपना रहे हैं। सनातन धर्म विज्ञान है, जिसकी सत्यता को लोग पहचान रहे हैं, लेकिन जब हमारे लोगों से हम पूछते हैं कि आपने भगवत गीता पढ़ी, पुराण पढ़े, उपनिषद पढ़े, तो वे चुप हो जाते है, यही हमारी संस्कृति है। आज पूरा विश्व भगवत गीता को वेद, पुराण और उपनिषद को अपना रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य यजमान मनोरमा भगत आशुतोष भगत, पुष्पा तिवारी, सिंधु भगत, कैलाश भगत, अनीता लाल, जददू लाल, संगीता राय, नंद राय, प्रमिला भगत, राजेंद्र भगत, शकुंतला जायसवाल, महेंद्र जायसवाल, सिंपल मलिक ने भागवत पूजन और व्यास गद्दी पूजन किया। कथा में खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा भी शामिल हुए और व्यास पीठ के समीप जाकर स्वामी जी का आशीर्वाद ग्रहण किया। कथा स्थल में फूलां की होली खेली गई और सैकड़ों भक्तों नें भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। यह जानकारी आर्ट ऑफ़ लिविंग के टीचर आशु शाहदेव ने दी।

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