महाकुंभ 2025 में 144 वर्ष बाद आया है ऐसा संयोग, सनातन धर्म का होगा महासमागम: अष्ट कौशल महन्त

महाकुंभ 2025 में 144 वर्ष बाद आया है ऐसा संयोग, सनातन धर्म का होगा महासमागम: अष्ट कौशल महन्त

प्रयागराज, 22 दिसंबर (हि.स.)। महाकुंभ 2025 में 144 वर्ष बाद ऐसा संयोग बन रहा है। जिसमें सनातन धर्म का महा समागम होगा। ऐसे संयोग पर संगम की रेती तपस्या करने वाले संतों का बहुत पुण्य अर्जित होगा। इसके साथ ही सभी अखाड़ों के संत विश्व कल्याण के लिए अपना तप दान करेंगे। यह बात रविवार को आवाहन अखाड़ा के छावनी प्रवेश कार्यक्रम में अष्ट कौशल महन्त सत्यानन्द भारती ने कही।

उन्होंने बताया कि वह मध्य प्रदेश में स्थित इच्छापूर्ण पायली माता सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर है। महाकुंभ के दौरान 144 वर्ष बाद आने वाले पुण्य संयोग के मौके पर संगम की रेती पर मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करने पर पतित पावनी मां गंगा की रेती पर अपनी धुनी जमाएंगे और 13 जनवरी से 45 दिन पूर्जा अर्चना, जप—तप करेंगे। इसके साथ ही ऐसे सुभ अवसर पर सभी अखाड़ों में विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाऐंगे।

देश की केन्द्र एवं राज्य सरकार के अथक प्रयास से सनातन धर्म का पूरे विश्व में सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों का संरक्षण करने के साथ ही उनका पुर्नर निर्माण कार्य करा रहें है। विश्व में सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को दिव्य, भव्य, सुरक्षित, स्वच्छता एवं हरित क्रांति को मजबूत कर रहे हैं।

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