पंजाब-चंडीगढ़ समेत 21 जिलों में शीतलहर अलर्ट, फिर आएगी बारिश!

पंजाब और चंडीगढ़ में आज फिर से शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों के तापमान सामान्य स्तर पर बनाए हुए हैं, किंतु ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन महसूस की जा रही है। भारत के मैदानी इलाकों में पंजाब के आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन ने सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया है, जहां तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

पंजाब के 21 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट लागू किया गया है। इनमें अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, आसास नगर और मलेरकोटला शामिल हैं। इस ठंड से प्रभावित क्षेत्रों में खासकर सुबह और रात के समय काफी ठंडक महसूस की जा रही है, जिससे लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ शशिकांत मिश्रा ने जानकारी दी है कि 16 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होने वाला है। इसका असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। वहां हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। यदि बर्फबारी होती है, तो यह पंजाब के तापमान को और भी गिराने में सहायक सिद्ध हो सकती है। पहाड़ियों से चलने वाली ठंडी हवाओं का बहाव इन मैदानी इलाकों में तापमान को ठंडा करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न शहरों में आज “कोल्ड वेव” की चेतावनी दी गई है। जैसे-जैसे दिन बीतेगा, तापमान में हल्की गिरावट की संभावना बनी रहेगी। चंडीगढ़ में तापमान 7 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, अमृतसर में यह 5 से 19 डिग्री, जालंधर में 7 से 18 डिग्री, लुधियाना में 8 से 20 डिग्री और पटियाला में 5 से 21 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

इस प्रकार, पंजाब और चंडीगढ़ के निवासियों को आगामी दिनों में ठंड से सतर्क रहना होगा और आवश्यक कदम उठाने होंगे ताकि इस शीतलहर के प्रभाव को कम किया जा सके। लोग गर्म कपड़ों का उचित प्रयोग करें और घरों में भी गर्म वातावरण बनाए रखने की कोशिश करें। मौसम के इस बदलाव की जानकारी बनाए रखना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।