अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए हथियारों की तस्करी में संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पाकिस्तान से संचालित एक हथियार तस्करी रैतकेट का खुलासा करते हुए की गई है, जो दुबई स्थित भगोड़ा तस्कर मनजोत सिंह उर्फ मन्नू के द्वारा चलाया जा रहा था। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ काका के रूप में हुई है। गुरप्रीत तरनतारन के गांव हवेलियां का निवासी है और वर्तमान में अमृतसर ग्रामीण के गांव सैदपुर में रह रहा है।
गिरफ्तारी के समय गुरप्रीत के पास से पुलिस ने तीन अत्याधुनिक पिस्टल बरामद की हैं, जिनमें 9 एमएम की दो गलोक पिस्टल और एक .30 बोर चीनी पिस्टल शामिल है। इसके अतिरिक्त, चार जिंदा कारतूस और उसका ग्रे रंग का होंडा एक्टिवा स्कूटर भी जब्त किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्करी का यह नेटवर्क कितनी संगठित और व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस को यह ठोस सूचना मिली थी कि मनजोत सिंह उर्फ मन्नू, जो दुबई में स्थित है, भारत में अपने सहयोगियों के माध्यम से पाकिस्तान के रास्ते हथियारों की तस्करी का रैकेट चला रहा है। जानकारी मिलने के बाद, सीआई अमृतसर की टीम ने कार्रवाई की और विशेष नाका लगाकर गुरप्रीत सिंह को उस समय पकड़ा जब वह हथियारों की खेप पहुंचाने जा रहा था। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मनजोत सिंह इस तस्करी रैकेट का मुख्य सरगना है, जो एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग कर पाकिस्तान से तस्करों के साथ संपर्क साधता था।
गिरफ्तार किए गए गुरप्रीत ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से फेंकी गई हथियारों की खेप को प्राप्त कर मनजोत के निर्देश पर पंजाब के विभिन्न शहरों के गैंगस्टरों को सप्लाई करता था। यह घटना दर्शाती है कि ऐसे हरकतें न केवल भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं, बल्कि इसके पीछे की संगठित आपराधिक गतिविधियों को रोकने की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं। पंजाब पुलिस की यह कार्यवाही न केवल इस तस्करी रैकेट को रोकने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर दृष्टि बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस गिरफ्तारी के बाद, पुलिस का ध्यान अब मनजोत सिंह और उसके सहयोगियों को पकड़ने की तरफ है ताकि इस रैकेट को समूल समाप्त किया जा सके और पंजाब को हथियारों की तस्करी के खतरे से मुक्त किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल अपराधियों को दंडित किया जाएगा, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।