भाजपा का दलित दांव: शाह के बयान के बाद बड़ा अभियान शुरू

भाजपा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी के बाद देश भर में डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी 11 से 25 जनवरी तक ‘मेरा संविधान मेरा अभिमान अभियान’ के जरिए दलितों के बीच जाएगी। इस दौरान डॉ. अंबेडकर के लिए मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाएंगी। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बाबा साहब का जो अपमान किया, उसके किस्से सुनाए जाएंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि जनता के बीच जाकर बताएं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने षडयंत्र रचकर डॉ. अंबेडकर को चुनाव हराया था। बाबा साहब को लोकसभा की किसी महत्वपूर्ण कमेटी का सदस्य नहीं बनाया गया, ना ही उन्हें कोई बड़ा मंत्रालय दिया गया। कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत रत्न तक नहीं मिलने दिया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब की स्मृति से जुड़े 5 स्थानों को पंचतीर्थ का दर्जा दिया। मोदी सरकार के समय सबसे ज्यादा दलित मंत्री हैं।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बताया कि 11 से 25 जनवरी तक अभियान चलाया जाएगा। इसका नाम संविधान गौरव अभियान है। 25 जनवरी को बूथ स्तर पर मेरा संविधान मेरा अभिमान कार्यक्रम होगा। इसके लिए 6-7 जनवरी को सभी 1819 मंडलों और 9-10 जनवरी को सभी 98 संगठनात्मक जिलों में कार्यशाला होगी। 11 से 25 तक सभी जिलों और मंडलों में बाबा साहब और संविधान पर गोष्ठी होगी। गोष्ठी में क्षेत्र के दलित वर्ग के सभी जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, वकील, डॉक्टर, युवा, प्रबुद्ध वर्ग के दलित नेता, दलित सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और दलित और पिछड़ी जाति के अधिक से अधिक लोग शामिल रहेंगे।

राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र नाथ भट्‌ट मानते हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान दलितों के बीच भाजपा का माहौल खराब हुआ था। वह माहौल अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ। इसी बीच लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की डॉ. अंबेडकर पर दी गई टिप्पणी से गलत संदेश गया। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने देश भर में आंदोलन कर भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया। सपा और कांग्रेस ने इसको लेकर आगे तक की रणनीति भी बनाई है। भाजपा ने भी माहौल खराब होता देख डैमेज कंट्रोल के लिए यह निर्णय लिया है।