कनाडा में निज्जर हत्याकांड: आरोपियों को जमानत नहीं, 12 फरवरी को कोर्ट सुनवाई!

कनाडा में आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संदर्भ में हाल ही में चार भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी और जमानत को लेकर उठे सवालों के बीच यह जानकारी सामने आई है कि उनकी जमानत मिलने की खबर पूरी तरह से गलत है। कनाडा की प्रमुख समाचार एजेंसी सीबीसी न्यूज ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स गुमराह करने वाली हैं और इनमें तथ्यात्मक गलतियाँ हैं। सीबीसी के अनुसार, चारों आरोपियों को जमानत नहीं दी गई है और वे अभी भी हिरासत में हैं। अगली सुनवाई 11 फरवरी 2024 को निर्धारित की गई है, जब सभी आरोपी एक बार फिर अदालत में पेश होंगे।

सीबीसी न्यूज ने अपने रिपोर्ट में उल्लेख किया कि गुरुवार को कई भारतीय मीडिया संस्थानों ने यह दावा किया कि निज्जर हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों को उनके खिलाफ मामला खत्म होने के बाद रिहा कर दिया गया। लेकिन असलियत यह है कि किसी भी आरोपी को हिरासत से रिहा नहीं किया गया है। बीसी अभियोजन सेवा की प्रवक्ता एन सेमोर ने भी सीबीसी को बताया है कि चारों आरोपी अभी भी हिरासत में हैं। इस रिपोर्ट में भारतीय मीडिया की कवरेज की आलोचना करते हुए कहा गया है कि देश में पत्रकारिता के मानकों का पालन नहीं हो रहा है और कुछ मीडिया आउटलेट्स पक्षपाती ढंग से खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की बात करें तो यह घटना जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हुई थी। निज्जर को सिख समुदाय के एक प्रमुख नेता माना जाता था। वह नगर के गुरुद्वारे के बाहर अपनी कार में थे, जब दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग की। इस मामले में कनाडाई पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय एजेंटों पर आरोप लगाया था, जिसके चलते भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक संबंधों में तनाव पैदा हुआ।

हरदीप निज्जर को खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का नेता माना जाता है और उसे भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांटेड किया गया था। निज्जर का नाम भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी की गई एक लिस्ट में भी शामिल है, जिसमें उसे मोस्ट वांटेड आतंकियों में गिना गया। इस दौरान, उसकी गतिविधियाँ और भड़काऊ भाषण भी जगजाहिर हुए, जिसके तहत पिछले वर्ष एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें उसे व्यक्तिगत आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा उसकी करवाई का विस्तार करते हुए उसे कई मामलों में शामिल पाया गया। जुलाई 2020 में उसे पंजाब में आतंकवाद फैलाने वाले गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया था। इस तरह, निज्जर की हत्या का मामला न केवल कनाडाई पुलिस बल्कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी उच्च महत्व रखता है, और इसके प्रभाव दोनों देशों के संबंधों पर भी पड़ रहे हैं।