फाजिल्का: ट्राले की चपेट में आए 3 सब्जी विक्रेता, एक की मौत, दो घायल!

फाजिल्का जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है, जिसमें एक तेज गति से चल रहे ट्राले ने तीन सब्जी विक्रेताओं को कुचल दिया। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की tragically मौत हो गई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना फिरोजपुर हाईवे पर बहक खास गांव के नजदीक घटी, जहां ये सब्जी विक्रेता सड़क किनारे अपने जुगाड़ वाहन की मरम्मत कर रहे थे। मृतक की पहचान बलविंदर सिंह के रूप में हुई है और उनके परिवार में एक छोटी बच्ची भी है।

घायलों में से एक रामू है, जिनकी दोनों टांगें टूट गई हैं और उन्हें गंभीर हालत में फरीदकोट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे घायल संदीप कुमार को कंधे में फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया है। संदीप ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे तीनों सब्जी विक्रेता अपने जुगाड़ वाहन से गांवों में सब्जी बेचने के बाद लौट रहे थे। उनकी यात्रा के दौरान, वाहन की इंजन बेल्ट अचानक टूट गई, जिसके चलते उन्हें सड़क किनारे रुककर मरम्मत करनी पड़ी। इसी बीच, एक तेज गति से आ रहे ट्राले ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे यह भयानक दुर्घटना हुई।

इस घटना को लेकर मृतक के परिवार में अब गहरा शोक है। बलविंदर सिंह के पिता जरनैल सिंह और स्थानीय सब्जी व्यापारी राजकुमार ने पुलिस से घटना के फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस हादसे ने उनके परिवार का चिराग बुझा दिया है और वे न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ड्राइवर की तलाश भी जारी है।

उक्त दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों की एकबार फिर धाजा बिखेर दी है। ट्राले की तेज गति और अनियंत्रित ड्राइविंग ने कई जिंदगियों को प्रभावित किया है और इससे जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद आक्रोश है और वे सड़क पर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कर रहे हैं। लोग चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से ध्यान दें और ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के लिए ठोस कदम उठाएं।

यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि एक सामाजिक मुद्दे का भी प्रतीक है, जिसमें सड़क पर सुरक्षा और नियमों के पालन की आवश्यकता को दर्शाया गया है। फाजिल्का में हुई इस घटना ने सभी को एकजुट होकर सड़क पर सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत का इशारा किया है। स्थानीय समुदाय इस घटना को लेकर चर्चा कर रहा है कि कैसे पुलिस और प्रशासन मिलकर ऐसे दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय कर सकते हैं। अब यह देखना होगा कि क्या अधिकारियों ने इस पर उचित कार्रवाई की है।