फाजिल्का सरकारी अस्पताल में लिफ्ट की खराबी: सिविल सर्जन का चौंकाने वाला खुलासा!

फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में हाल ही में लिफ्ट के काम करने के लिए पुनः चालू होने के बाद अब तकनीकी दिक्कतों के चलते यह अचानक बंद हो गई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों में लिफ्ट में फंसने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें रेस्क्यू की आवश्यकता पड़ी। हालिया घटना में भीम सिंह नामक एक व्यक्ति को लिफ्ट में फंसने के बाद अलार्म बजाकर मदद मांगनी पड़ी। अस्पताल के कर्मियों ने काफी मेहनत से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। भीम ने बताया कि वह लिफ्ट में एक मरीज के साथ थे जब अचानक यह रुक गई।

इस लिफ्ट के खराब होने के पीछे के कारणों की जानकारी जारी करते हुए, कार्यकारी सिविल सर्जन डॉक्टर एरिक ने दो मुख्य कारण बताए। सबसे पहले, उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले बच्चे लिफ्ट में खेलने लगते हैं, जिसके कारण तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। दूसरा, लिफ्ट ऑपरेटर की कमी भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। डॉक्टर एरिक ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए विभाग को पहले भी कई पत्र लिखे गए हैं और अब भी लिखे जा रहे हैं, जिनमें लिफ्ट ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग की गई है।

वर्तमान समय में एक लिफ्ट खराब होने के कारण बंद कर दी गई है। इससे अस्पताल प्रशासन ने लिफ्ट ऑपरेटर की नियुक्ति की दिशा में विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को इस प्रकार की परेशानियों से मुक्त किया जा सके। लिफ्ट की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है, क्योंकि ऐसे इलाज के समय में मरीजों को समय पर आवश्यकता होती है और लिफ्ट की खराब स्थिति उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

इस स्थिति को देखते हुए, अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझा है और जल्द ही इस पर प्रभावी कदम उठाने की योजना बना रहा है। मरीजों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लिफ्ट संचालन में सुधार किया जाना आवश्यक है। अस्पताल में बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए लिफ्ट ऑपरेटर की नियुक्ति एक प्राथमिकता बनी हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित विभाग को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हों और सभी मरीजों को निर्बाध सेवा मिल सके।

स्थानिक निवासियों और मरीजों की सोच है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उठाए गए कदमों में तात्कालिकता होनी चाहिए, ताकि मरीजों को सुरक्षित और सहज अनुभव मिल सके। यह घटना दिखाती है कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी खामियों के बावजूद, समस्या का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है ताकि सभी का स्वास्थ्य प्रभावित न हो।