पंजाब के जालंधर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवा लड़के की जान बिजली के लावारिस तार के संपर्क में आने से चली गई। यह घटना लम्मा पिंड चौक के पास हुई, जहां 21 वर्षीय लक्की, जो संतोखपुरा के हरदयाल नगर का निवासी था, फोन पर बात करते समय अचानक बिजली के नंगे तारों की चपेट में आ गया। लक्की के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, और अभी मामले की जांच जालंधर सिटी पुलिस द्वारा की जा रही है।
यह घटना मंगलवार दोपहर की है। लक्की जब सड़क पर चलते हुए फोन पर किसी से बातें कर रहा था, तब उसकी टांगें सड़क पर पड़े हुए लावारिस बिजली के तार से टकरा गईं। इससे उसे जोरदार करंट का झटका लगा, और वह तुरंत वहीं गिर पड़ा। घटनास्थल पर मौजूद आस-पास के लोग उसकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन दुर्भाग्यवश, लक्की की सांसे कुछ ही सेकंड में थम गईं। यह हादसा पावरकॉम द्वारा की गई लापरवाही के कारण हुआ, जिसने स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली है, जिसमें वे पावरकॉम के कर्मचारियों की लापरवाही की निंदा कर रहे हैं। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग पंजाब पावरकॉम को गालियां देते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार इस युवक की जान का जिम्मेदार कौन है? उन्होंने भी यह चिंता व्यक्त की कि जब बिलों के लिए कर्मचारियों की सक्रियता होती है, तब सुरक्षा के मामले में इतनी लापरवाही क्यों बरती जाती है। लोग यह भी कह रहे हैं कि जल्द ही ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए।
घटना के समय बिजली का तार बिजली के खंभे से गिरा था, जो सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा था। इससे न केवल लक्की की जान गई, बल्कि स्थानीय निवासियों में भय और शोक का माहौल भी पैदा कर दिया है। अभी तक पावरकॉम की ओर से इस मामले में कोई बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन प्रतीत होता है कि इस घटना के बाद बिजली विभाग सुधार करने की दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर होगा।
इस दुखद घटना ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार के हादसे भविष्य में न हों। लोगों की मांग है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए खिंचाव वाले व बिजली के तारों की उचित देखभाल और प्रबंधन किया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह किसी और युवा की जान ले सकता है, और इस पर ठोस कदम उठाए जाने अनिवार्य हैं।