लोहड़ी पर लुधियाना में पतंगों की मांग बढ़ी, रेट 25% ऊंचे, रेवड़ी-गजक की दुकानें तैयार

लुधियाना में लोहड़ी के पर्व को लेकर लोगों में अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी को मनाए जाने वाले इस पर्व से पहले शहर के बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पतंगों और डोर की दुकाने सजी हुई हैं, और रविवार को नागरिकों ने जमकर खरीदारी की। इसके साथ ही मूंगफली, रेवड़ी, गजक और तिल जैसी पारंपरिक मिठाइयों की दुकानों पर भी भीड़ लगी रही। खासकर युवा वर्ग में पतंग उड़ाने का विशेष उत्साह है। सोमवार की सुबह युवा छह से आठ बजे के बीच अपने छतों पर चढ़कर डीजे की धुन पर लोहड़ी का जश्न मनाने की तैयारी में हैं।

इस साल बड़े आकार की पतंगें युवाओं में काफी पसंद की जा रही हैं। बाजार में सिंगर दिलजीत दोसांझ के मशहूर डायलॉग “पंजाबी आ गए ओ” से सजी पतंगें भी खास तौर पर बिक्री में हैं। हालांकि इस उत्सवी माहौल में महंगाई ने भी दस्तक दी है, क्योंकि पिछले साल की तुलना में पतंग और डोर की कीमतें लगभग 25 प्रतिशत बढ़ गई हैं। जिले के हैबोवाल इलाके के पतंग-डोर विक्रेता रोहित और साजन बताते हैं कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। बाजार में 20 रुपये से लेकर 700 रुपये तक की पतंगें उपलब्ध हैं। खासकर पांच से छह फीट की बड़ी पतंगों की कीमत 600 से 700 रुपये के बीच है।

पंजाब और उत्तर भारत में अत्यधिक महत्व रखने वाले इस त्योहार का जश्न इस बार भी धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है। रविवार को दरेसी मैदान के पास पतंग-डोर के लिए बाजार में दिनभर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। हैबोवाल मार्केट, कैलाश सिमेना, उपकार नगर और केसर गंज के निकट भी लोग विशेष रूप से खरीदारी करने के लिए जुटे रहे। चूंकि रविवार को छुट्टी थी, इसलिए लोग दिन में बाजारों की ओर जल्दी ही निकल पड़े थे।

लोहड़ी हमारे सांस्कृतिक उत्सवों में से एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो न केवल नया साल मनाने का प्रतीक है, बल्कि यह फसल कटाई के उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसे में लुधियाना जैसे शहर में जहां हर किसी का इस पर्व को लेकर विशेष लगाव है, वहां इस साल की तैयारियां और भी शानदार नजर आ रही हैं। बाजारों में मौजूद रौनक, चहल-पहल और लोगों की खुशी इस बात का सबूत है कि लोहड़ी का यह पर्व सभी के लिए खुशी और उत्साह लेकर आता है।

एक ओर जहां महंगाई ने अपने दांत दिखाए हैं, वहीं दूसरी ओर लोग इसे अपने उत्सवों में बाधा नहीं बनने दे रहे हैं। यही एक ऐसी खासियत है, जो लुधियाना के लोगों को खास बनाती है। यहां की बाजारों की हलचल और रंग-बिरंगे पतंगों की सजावट ने फिर से यह साबित कर दिया है कि लोहड़ी का उत्सव कितनी धूमधाम से मनाया जाएगा।