ओयो अब कपल्स से रिश्ते का सर्टिफिकेट मांगेगा। यह नियम फिलहाल उत्तर प्रदेश के मेरठ में लागू किया गया है, लेकिन भविष्य में इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है। ओयो के नॉर्थ इंडिया हेड पावस शर्मा ने बताया कि कंपनी सेफ हॉस्पिटैलिटी कल्चर को बनाए रखने के लिए कमिटेड है। हम लोगों की पर्सनल फ्रीडम का सम्मान करते हैं, लेकिन सभ्य समाज और मार्केट की जरूरतों के हिसाब से भी चलने की जिम्मेदारी को समझते हैं।
मेरठ में ओयो को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे, जिसके बाद कंपनी ने अपनी इमेज साफ करने के लिए यह नियम लागू किया है। 1 जनवरी 2025 से यह नियम मेरठ में लागू कर दिया गया है। कंपनी ने बताया कि उसने इसके लिए लोगों से फीडबैक लिए, जिसमें विशेष रूप से मेरठ से कई सामाजिक संगठनों व लोगों ने कहा था कि ओयो में सिंगल लोगों को रूम न दिया जाए।
ओयो के खिलाफ कुछ सामाजिक संगठनों ने याचिका दायर की थी, जिसके बाद कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करने का फैसला लिया है। कंपनी ने कहा कि ओयो ने अपने पार्टनर होटल्स को सामाजिक संवेदनशीलता के साथ तालमेल बिठाते हुए अपने विवेक के आधार पर कपल्स की बुकिंग को रिजेक्ट करने का भी अधिकार दे दिया है।
ओयो की शुरुआत 2013 में रितेश अग्रवाल ने की थी। तब कंपनी ने सस्ते होटल्स को टारगेट किया। ये होटल वालों के पास जाते थे और उन्हें अपने साथ जोड़ते थे। इसके बाद वो होटल की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, कस्टमर मैनेजमेंट और उसके लुक एंड फील पर काम करते थे। इससे होटल का बिजनेस 2 गुना तक बढ़ जाता था। ओयो को पहली बार वित्त वर्ष 2024 में मुनाफा हुआ था।
ओयो को वित्त वर्ष 2024 में 100 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक खुश कस्टमर या होटल पार्टनर मेरे चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान लाता है, फाइनेंशियल वर्ष 2024 के हमारे पहले फाइनेंशियल ने मुझे भी विनम्र बना दिया है। हमारा पहला नेट प्रॉफिट वाला वित्तीय वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये रहा।