लखीमपुर खीरी के कोतवाली धौरहरा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना घटी, जिसमें एक दुकानदार ने 12 साल के बच्चे पर गर्म तेल फेंक दिया। यह घटना 18 नवंबर की शाम को हुई थी। लगभग डेढ़ महीने तक दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोशिश की गई, लेकिन जब समझौता नहीं हुआ तो पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
घटना धौरहरा के गांव परौरी की है, जहां सुरेश कश्यप ठेले पर चाट-पकौड़ी बेचते हैं। गांव के ही पप्पू कश्यप अपने भतीजे विकास (12) के साथ पकौड़ी खाने पहुंचे। सुरेश ने पिछली बकाया 10 रुपये चुकाने की बात कही, जिस पर पप्पू नाराज हो गया। विवाद बढ़ने पर सुरेश ने खौलता तेल उड़ेल दिया, जो पास खड़े विकास पर गिर गया। विकास गंभीर रूप से झुलस गया।
घटना के बाद पप्पू अपने भतीजे को लेकर सीएचसी रमियाबेहड़ पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 19 नवंबर को पप्पू ने धौरहरा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने डेढ़ महीने तक मामले को दबाने की कोशिश की।
हालांकि, जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने डेढ़ महीने बाद एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ते हुए आरोपी को जेल भेजा। कोतवाल धौरहरा का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई गई हैं। यह घटना यह दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन को भी समय-समय पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए और न्याय प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने की कोशिश की। इससे यह संदेश जाता है कि पुलिस प्रशासन को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त और निष्पक्ष होना चाहिए। साथ ही, पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों को सजा मिले और पीड़ितों को न्याय मिले।