पंजाब में साइबर खतरे से सुरक्षा: 42 करोड़ की लागत से नया ऑपरेशन सेंटर!

पंजाब में बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए सरकार ने साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 42 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के अंतर्गत सभी सरकारी विभागों की वेबसाइट्स एवं अन्य तकनीकी संसाधनों को शामिल किया जाएगा। यह सुरक्षा तंत्र विश्वस्तरीय होगा और इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी गई है।

मंत्री अरोड़ा ने यह भी जानकारी दी कि राज्य के सेवा केंद्रों में नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुए हैं। वर्तमान में इन सेवा केंद्रों में फाइलों की पेंडेंसी दर सिर्फ 0.17 प्रतिशत है, जो कि पूरे देश में सबसे कम है। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि 31 जनवरी तक पटवारियों से संबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी जाएँगी, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को होगा। पंजाब द्वारा स्थापित 438 सेवा केंद्रों के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेताओं को स्पेशल टार्गेट किए जाने के सवाल पर अमन अरोड़ा ने भाजपा की नीतियों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के विफल होने का संकेत है और इस बार आम आदमी पार्टी दिल्ली में पहले से ज्यादा मजबूती के साथ सत्ता में लौटेगी। इसके साथ ही अरोड़ा ने भाजपा पर जाली वोट बनाने और असली वोटों को काटने के गंभीर आरोप लगाए।

पंजाब में कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब पुलिस हर मामले को सुलझाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के मद्देनजर केंद्र सरकार को अंधी-गूंगी बताया। रवनीत बिट्टू के संदर्भ में अरोड़ा ने कहा कि अगर उन्हें यह जानकारी नहीं है कि किसान नेता कहाँ मौजूद हैं, तो वह उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर उनके पास छोड़ देंगे।

अमन अरोड़ा ने किसानों के जत्थे के दिल्ली कूच के फैसले पर केंद्र सरकार को आरोप लगाया कि वह किसानों की आवाज को अनसुना कर रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए संकल्पित है। इस प्रकार, अमन अरोड़ा की घोषणाएँ पंजाब सरकार की सेवाओं को और अधिक कुशल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम हैं।