पंजाब के लुधियाना में एक दुखद घटना में हरियाणा का एक युवक हार्ट अटैक के चलते अपनी जान गंवा बैठा। यह युवक दोस्तों के साथ लोहड़ी का त्योहार मनाने के उद्देश्य से लुधियाना आया था। उसने पहले धूरी जाकर वहां अपने दोस्त के रिश्तेदारों के पास रात बिताई और फिर रविवार को लुधियाना की ओर चल पड़ा। घटना उस समय हुई जब युवक लगभग 100 मीटर चलने के बाद रेलवे स्टेशन पर उसकी छाती में अचानक तेज दर्द हुआ। युवकों के साथ यात्रा कर रहे दोस्तों ने चिंता जताते हुए उसे तुरंत एक निजी क्लिनिक में ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन वहां से उसे सिविल अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक युवक की पहचान हरियाणा के हिसार जिले की हांसी के निवासी चिराग के रूप में की गई है। चिराग की आकस्मिक मृत्यु ने उसके परिवार और दोस्तों में शोक की लहर फैला दी है। अस्पताल में उसके शव को सुरक्षा के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया है, और परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया है कि उन्हें शव का अंतिम संस्कार करने के लिए आने की आवश्यकता है। चिराग के दोस्तों का कहना है कि वह लुधियाना में लोहड़ी का उत्सव मनाने के लिए बहुत उत्साहित था।
गुरप्रीत सिंह, जो चिराग का करीबी दोस्त है, ने इस घटना के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि चिराग अपने रिश्तेदारों के साथ धूरी में रुक गया था, और लोहड़ी मनाने के लिए उसने लुधियाना की यात्रा की। रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही उसने अपने दोस्तों को छाती में दर्द की शिकायत की। दोस्तों ने तुरंत दवा दिलाने की कोशिश की, लेकिन दर्द बढ़ता गया और चिराग अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा।
चिराग के दोस्तों ने बताया कि यह पहला मौका नहीं था जब उसे दिल का दौरा पड़ा। उसकी मेडिकल जानकारी के अनुसार, वह पहले भी दो बार हार्ट अटैक का शिकार हो चुका था, और यह उसका तीसरा अटैक था। चिराग के साथ यात्रा कर रहे मोहित ने भी यह बताया कि चिराग हमेशा लुधियाना में लोहड़ी मनाने की इच्छा व्यक्त करता था।
चिराग के परिवार की बात करें तो उसके घर में उसकी मां रानी और एक छोटा भाई है। जबकि उसकी बहन की शादी हो चुकी है और पिता का निधन हो चुका है। चिराग केवल 24 वर्ष का था, जिसकी इस अनियोजित मृत्यु ने उसके परिवार और दोस्तों को बुरी तरह प्रभावित किया है। परिवार के सदस्य वहां पहुंचने के बाद चिराग का शव उन्हें सौंपा जाएगा ताकि वे अपने बेटे और भाई का अंतिम संस्कार कर सकें। इस प्रकार की घटनाएं समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को दर्शाती हैं, ताकि युवा पीढ़ी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे।